शाकाहार का अर्थ केवल आहार शुद्धि मत मान लेना। शाकाहार का अर्थ हैँ आपके घर में, आपकी आमदनी से, आपके कमाये हुए धन से जो अन्न आ रहा हैँ वो धन शुद्ध रखना।
अन्न तो आजकल साफ-सुथरा ही खाते हैँ हम लोग, बिसलरी का पानी पीते हैँ, अच्छे-अच्छे डिब्बे घर में लाते हैँ, अन्न में क्या तकलीफ हैँ? तकलीफ उस धन में जिससे वो अन्न आ रहा हैँ।
अगर वो धन अपराध की वृत्ति से, भ्रष्टाचार से, गलत तरीके से आया हैँ और उससे आपने अन्न लिया है तो उसका असर आने वाली पीढ़ी में अवश्य देखने को मिलेगा, इसलिये अपनी आमदनी के स्त्रोत शुद्ध रखिये, इसे परिश्रम से कमाइये और इसको कहाँ हैँ शाकाहार। क्योंकि शाकाहार करते ही आपकी वृत्ति बदल जाती हैँ, आपके जीवन की ऊर्जा में परिवर्तन आ जाता हैँ, इसलिये कहाँ गया हैँ शाकाहार करियेगा और शाकाहार करेंगे तो आपकी वृत्ति जरूर बदलेगी, मुददा ताकत का नहीं, मुददा वृत्ति का हैँ।



