शिक्षा विभाग के लिये बोझ बन चुके शिक्षको की सरकार करेगी छुट्टी
गोपनीय रिपोर्ट कार्ड किये जा रहे है तैयार
सिवनी यशो:- शिक्षा विभाग में कार्यरत ऐसे शिक्षकों के लिये सरकार बहुत कठोर कार्यवाही करने की तैयारी में जुट गयी है । सूत्र बताते है कि मध्यप्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ऐसे शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाने पर विचार कर रही है जो स्कूल में अव्यवस्था फैलाकर शिक्षा की गुणवत्ता (quality of education) को प्रभावित कर रहे है और शिक्षा विभाग (education Department) के लिये सिरदर्द बने हुये है । ऐसे शिक्षकों को चिन्हित करने की कार्यवाही भी सरकार ने प्रारंभ कर दी है । शराब पीने वाले शिक्षक, नेतागिरी करने वाले, शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके शिक्षको एवं अन्य तरह की ऐसी गतिविधियों में शामिल रहने वाले शिक्षक जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है । ऐसे शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड (teachers report card) तैयार कर उन्हें अनिवार्य सेवा निवृत्ति (compulsory retirement) देने की योजना पर प्रदेश सरकार कार्य प्रारंभ कर चुकी है ।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं (board exams) के परीक्षा परिणाम खराब (bad exam results) आने के कारण सरकार की चिंता बढ़ गयी है और अब नई शिक्षा नीति (new education policy) के तहत शिक्षा देने के लिये स्कूलों को अपग्रेड (upgrade schools) किया जा रहा है वहीं अनेक शिक्षक शिक्षा देने के लिये अब उपयुक्त नहीं है जिनके कारण स्कूलों का रिजल्ट प्रभावित होता है और वे पढाई को बेहतर तरीके से नहीं करा पा रहे है या शिक्षक पद की गरिमा को कलंकित कर रहे है बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ (Playing with children’s future ) कर रहे है । सरकार ऐसे शिक्षकों के लिये 50 – 20 के फार्मूले के तहत उन्हें घर बिठाने की योजना पर काम कर रही है । हालांकि यह फार्मूला अन्य विभागो के लिये लागू हो सकता है ।
फिलहाल इस प्रकार की रिपोर्ट शिक्षा विभाग से मांगी गयी है तो अनुमान यही है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिये अपनी कार्ययोजना पर काम करने में जुट गयी है । जानकारी के अनुसार शिक्षको के संबंध में जानकारी एकत्रित करने का काम तेज हो गया है । जिसमें शिक्षक का नाम, नियुक्ति दिनांक, सेवाकाल के बीस वर्ष पूर्ण करने का दिनांक, पिछले पाँच वर्ष की उनकी गतिविधि के संबंध में गोपनीय रिपोर्ट (confidential report) के साथ संस्था प्रमुख का अभिमत मांगा गया है ।
यहां बता दें कि शिक्षा के लिये सरकार सबसे अधिक बजट का प्रावधान करती है और आगामी समय में शिक्षा के क्षेत्र अनेक ऐतिहासिक बदलाव के साथ शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये सरकारी तंत्र पूरी योजना के साथ कार्य कर रहा है ।
शिक्षा विभाग की चल रही तैयारियों के हिसाब से कहा जा सकता है कि सरकार शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिये पूरी क्षमता के जुटी है जिसमें ऊर्जावान और परिणाम देने वाले शिक्षको को अधिक अवसर देने की योजना है । ऐसे में शिक्षा विभाग के बोझ बन चुके शिक्षको की छुट्टी करना सरकार की मजबूरी और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिये अनिवार्य हो जायेगा ।



