WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
छिंदवाड़ानरसिंगपुरबालाघाटमंडलामध्यप्रदेशमनोरंजनराजनीतिसिवनी

चौबे बनने निकले थे छब्बे बनकर लौटे

चौबे बनने निकले थे छब्बे बनकर लौटे
सिवनी यशो:- विधानसभा के चुनाव हो गये परिणाम आ गये जीत हार का निर्णय हो गया । परिणामों के बाद जो सबसे बड़ी चिंता और चर्चा हो रही है वह है पार्टी विरोधी कार्य करने वाले नेताओं और कार्यकत्र्ताओं की । परिणामों के बाद अनेक ऐसी बाते सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी हुई है जिनका कानूनी तौर पर आधार नहीं है परंतु चुनावों के दौरान प्रत्याशियों द्वारा जो धन खर्च किया जाता है वह वैधानिकता से कई गुना अधिक होता है यह तो आम जनता भी जानती है परंतु कागजी खानापूर्ति वैधानिक ही मान्य होती है और चुनाव जीतने के लिये ऐड़ी चोटी का जोर लगाने वाले प्रत्याशी यह सब करते है । सिवनी विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी अंध समर्थक ने एक वार्ड में इतना अधिक खर्च कर दिया है कि खर्च के अनुसार उसे वोट नहीं मिले इससे प्रत्याशी के अन्य समर्थक आग बबूला है । वहीं पार्टी की जीत के लिये बांटी गयी शराब का हिसाब इतना अधिक हो गया है कि प्रत्याशी के नजदीकी विश्वास नहीं कर रहे है और कह रहे है कि यह फर्जी हिसाब है चल रही चर्चाओं के अनुसार यदि बात में सच्चाई है तो वह हिसाब करोड़ के बहुत नजदीक है । ऐसी रोचक चर्चाओं में कांग्रेस पार्टी के अनेक नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिये कार्यवाही सुनिश्चित हो रही है किसी पर निष्कासन की कार्यवाही हो रही है तो किसी को नोटिस दिये जा रहे है । हालांकि कुछ दिनों में इस प्रकार की कार्यवाही भाजपा की ओर से भी होने की संभावना है ।
सिवनी विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को सिवनी नगरीय क्षेत्र के वार्डो में मिले वोटो ने कांग्रेस पार्टी को चिंता में डाल दिया है बताते है कि कांग्रेस पार्टी ऐसे कुछ वार्डो को चिन्हित किये हुयी थी उसे उन वार्डो से बड़ी जीत प्राप्त होगी परंतु वहाँ कांग्रेस बहुत कम वोट प्राप्त हुये है । कांग्रेस प्रत्याशी के लिये अनेक भाजपा के युवा कार्यकत्र्ता साथी होने की बात कहकर गुपचुप तरीके से कांग्रेस का काम कर रहे थे और कांग्रेस प्रत्याशी की प्रबल जीत के प्रति अति आत्मविश्वासी हो गये थे ऐसे भाजपा के युवा कार्यकत्र्ता कांग्रेस प्रत्याशी की नजरों में हीरो बनने की कोशिश कर रहे थे परंतु चुनाव परिणाम जब आये तो वे भाजपाई से मुंह तो छुपा ही रहे है कांग्रेस प्रत्याशी से भी नजरे मिलाने में संकोच कर रहे है और उनकी जो बंद मुठ्ठी थी उसकी हकीकत खुल गयी । लोग कह रहे है चौबे बनने चले थे छब्बे बनकर लौटे। अनेक ऐसे रोचक चर्चे सार्वजनिक हो रहे है ।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!