वर्दी की गुंडागर्दी: 10 रुपये की पर्ची पर तीन मिनट तक गाली-गलौज, पुलिस को दी गई वीडियो सहित शिकायत
तुझे कोई नहीं बचा पाएगा’- स्टेंड कर्मचारी को धमकाता रहा कथित पुलिसकर्मी, प्रशासन मौन

Seoni 24 December 2025
सिवनी यशो:- सिवनी रेलवे स्टेशन परिसर में वर्दी की मर्यादा को तार-तार करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। स्टेशन स्टेंड पर तैनात ठेकेदार के कर्मचारी से एक कथित पुलिसकर्मी द्वारा लगातार लगभग तीन मिनट तक अशिष्ट गाली-गलौज और खुली धमकी दिए जाने का आरोप है। पीड़ित कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पुलिस को सौंपते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
मामला सिर्फ 10 रुपये की पर्ची का
जानकारी के अनुसार, कथित पुलिसकर्मी ने स्टेशन स्टेंड पर अपना दुपहिया वाहन खड़ा कर बिना निर्धारित पर्ची भुगतान किए जाने लगा। इस पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने नियमानुसार 10 रुपये की स्टेंड पर्ची मांगी, जिससे कथित पुलिसकर्मी भड़क गया।
तीन मिनट तक नॉन-स्टॉप अभद्रता, खुलेआम धमकी
पीड़ित कर्मचारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कथित पुलिसकर्मी ने कर्मचारी को निम्न स्तर की गालियाँ दीं और धमकी दी कि
“तुझे कोई नहीं बचा पाएगा, वापस आते ही उठा लूंगा।”
इतना ही नहीं, उसने रेलवे अधिकारियों, ठेकेदार और पूरे शासन-प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि किसी में उसे रोकने की हिम्मत नहीं है।
ठेकेदार का नाम लेने पर और भड़का
जब स्टेंड कर्मचारी ने गाली देने से मना किया और ठेकेदार से बात कराने को कहा, तो कथित पुलिसकर्मी और उग्र हो गया तथा ठेकेदार को भी अपशब्द कहने लगा।
ऑटो चालकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश
रेलवे स्टेशन क्षेत्र के ऑटो चालक एवं अन्य लोगों का कहना है कि –
उक्त पुलिसकर्मी का व्यवहार लंबे समय से आपत्तिजनक है। आरोप है कि वह:
ऑटो चालकों से अवैध वसूली करता है
खुद को स्टाफ बताकर बिना भुगतान सामान लेकर चला जाता है
विरोध करने पर धमकियाँ देता है
वीडियो सहित लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी
पीड़ित स्टेंड कर्मचारी द्वारा लगातार तीन मिनट की गाली-गलौज का वीडियो साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा गया है। इसके साथ लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
अब सवाल यह है कि—
।
क्या वर्दी में अभद्रता करने वाले पर विभागीय कार्रवाई होगी?
या फिर आम नागरिक से नियम मानने की उम्मीद सिर्फ दिखावा है?
स्पष्टीकरण (प्रकाशन हेतु अनिवार्य):
यह समाचार पीड़ित पक्ष, प्रत्यक्षदर्शियों एवं पुलिस को दी गई शिकायत पर आधारित है।
संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
“कथित घटना का वीडियो मौजूद है, जिसे संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया है।
वीडियो में प्रयुक्त भाषा की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उसे मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित नहीं किया गया है।”



