कान्हा पार्क के बूढ़े बाघ टी -30 उमरपानी की मौत
मंडला यशो:- कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के समीप बालाघाट जिले की सीमा की ग्राम पंचायत कोहका बैहर जनपद में एक बूढ़े बाघ की मौत हो गई। बाघ के शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी आयु लगभग 15 साल थी। अनुमान है कि बाघों के संघर्ष के दौरान बाघ टी -30 उमरपानी चोटिल हो गया और कमजोरी के कारण वह चलने की सामर्थ भी नहीं जुटा पाया और वह बेहोश होकर गिर गया ।
जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले के बैहर तहसील की सीमा से लगे हुये कान्हा नेशनल पार्क से लगभग 5 किमी दूर ग्राम पंचायत कोहका म पिछलें रविवार के समय नाले के पास घायल नर बाघ ग्रामीणों को दिखाई दिया था, और ग्रामीण डर गये थे । देर रात तक बाघ नाले के किनारे बेसुध अवस्था में पड़ा रहा। उनके शरीर पर चोट के निशान दिखने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग और कान्हा पार्क प्रबंधन को दी। इसके पश्चात मौके पर पहुंचकर बाघ को बचाने की पूरजोर कोशिश की गई परंतु शाम 7.30 बजे के आसपास बाघ की मौत हो गई। बाघ टी-30 उमरपानी के नाम से पहचाना जाता था।
कान्हा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर एसके सिंह के अनुसार बाघ कान्हा के बफर जोन से होते हुए सामान्य क्षेत्र में चला गया । बाघ के साथ हुए आपसी संघर्ष में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और संभवतया पानी की तलाश में भटकता हुआ गांव के पास आ गया। बाघ कान्हा उद्यान का बड़ी उम्र का बाघ था। इसकी उम्र लगभग 15 साल के लगभग थी तथा उसके शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए। जानकारी मिलने पर पार्क प्रबंधन बाघ का रेस्क्यू करने दो हाथियों के साथ विभागीय चिकित्या अमला भी पहुँचा परंतु बाघ की उम्र अधिक होने से उसे बेहोश नहीं किया गया । उसे बचाने का प्रयास किया गया परंतु वह बच नहीं पाया । सोमवार को उसका पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया।




