केवलारी में सिंचाई पानी को लेकर किसान उग्र, जल संसाधन विभाग से टकराव
पर्याप्त जल उपलब्धता के बावजूद किसानों को पानी के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा
Seoni 07 February 2026 सिवनी यशो:- केवलारी विकासखंड के ग्राम डुंगरिया में नहर के पानी के वितरण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा असंतोष गुरुवार को खुली हिंसा में तब्दील हो गया। सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों और जल संसाधन (सिंचाई) विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट जैसी स्थिति निर्मित हो गई। मामला अब सीधे कानून-व्यवस्था से जुड़ गया है।
नहर गेट बंद करने का आरोप, किसानों का फूटा गुस्सा
किसानों का आरोप है कि पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी राजनीतिक दबाव और दंबगई के तहत नहर का गेट बंद कर देते हैं। किसानों को बार-बार पानी के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता है, जिससे आक्रोश लगातार बढ़ रहा था। गुरुवार को यही आक्रोश विस्फोटक रूप में सामने आया।
विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो कर्मचारी घायल
विवाद के दौरान सिंचाई विभाग के कर्मचारी अशोक जघेला और पूरनलाल राहंगडाले घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल केवलारी में भर्ती कराया गया है। विभागीय पक्ष ने किसानों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं किसान भी विभागीय कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी, दोनों पक्ष FIR के मूड में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि किसान और सिंचाई विभाग दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
बड़ा सवाल: पानी होते हुए भी संघर्ष क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, तो किसानों को सिंचाई के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? क्या जल वितरण व्यवस्था मनमानी, दबाव और लापरवाही के भरोसे चल रही है? समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? नहर के पानी को लेकर हुआ यह विवाद अब केवल किसान बनाम विभाग नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक विफलता और सिस्टम की संवेदनहीनता का उदाहरण बन गया है। यदि शीघ्र ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो केवलारी क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं।
विधायक रजनीश सिंह का पक्ष – बोले, कांग्रेस पदाधिकारियों से कोई लेना-देना नहीं
इस पूरे मामले पर केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि इस घटना में कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी की कोई भूमिका नहीं है और न ही यह विवाद राजनीतिक है।
विधायक रजनीश सिंह के अनुसार, यह विवाद पूरी तरह से किसानों और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के बीच का है, जिसे बेवजह राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर किसानों की परेशानी लंबे समय से चली आ रही है और प्रशासन को समय रहते समाधान करना चाहिए था।
विधायक ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और यदि किसी ने भी कानून हाथ में लिया है तो उस पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।
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