छिंदवाड़ा इरीगेशन कॉम्प्लेक्स: 48% काम पूरा, ठेकेदार को 2400 करोड़ का भुगतान
5000 करोड़ की महापरियोजना, 7 ब्लॉकों की लगभग 2 लाख हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
Chhindwara 07 February 2026
छिंदवाड़ा यशो:- जिले की अब तक की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना छिंदवाड़ा इरीगेशन कॉम्प्लेक्स (CIC) तेजी से आकार ले रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 48 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि निर्माण एजेंसी को करीब 2400 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। परियोजना पूर्ण होने के बाद छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले के सात ब्लॉकों में सिंचाई का दायरा ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगा।
काम की रफ्तार तेज, भुगतान भी भारी
सिंचाई काम्पलेक्स की अधीक्षण यंत्री श्रीमती कुमकुम कौरव ने बताया कि लगभग 5000 करोड़ रुपये की इस परियोजना में निर्माण कार्य लगातार गति पकड़ रहा है। अब तक 2400 करोड़ रुपये का भुगतान ठेकेदार को किया जा चुका है, जिससे कार्य में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा नहीं है।
वन भूमि व्यपवर्तन के बदले हरियाली का बड़ा प्लान
सीआईसी परियोजना से प्रभावित हो रहे फॉरेस्ट क्षेत्र के बदले प्रदेश में व्यापक स्तर पर वन सुधार एवं हरित क्षेत्र विकास की योजना बनाई गई है। छिंदवाड़ा के साथ-साथ भिंड जिले में करीब 950 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है, जिसमें से 500 हेक्टेयर भूमि पर प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 8 अन्य जिलों में भी लैंड बैंक चिन्हित किया गया है।
अच्छी खबर: दो जलाशयों के लिए छिंदवाड़ा में ही लैंड बैंक
परियोजना से जुड़ी एक सकारात्मक खबर यह है कि संगम वन और पांढुर्ना के भूली क्षेत्र में प्रस्तावित दो बैलेंसिंग रिजर्वायर के लिए 268 हेक्टेयर से अधिक भूमि छिंदवाड़ा जिले में ही चिन्हित कर ली गई है। इन दोनों जलाशयों के लिए आवश्यक फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी मिल चुकी है।
इन जिलों में तैयार किया जा रहा लैंड बैंक
संगम-2 और रामघाट बांधों के कारण डूब में आ रहे वन क्षेत्र के एवज में छिंदवाड़ा,
भिंड,
कटनी,
नरसिंहपुर,
नर्मदापुरम,
बालाघाट,
धार,
उज्जैन और
सिंगरोली जिलों में भूमि चिन्हित की गई है।
कुल मिलाकर करीब 3000 हेक्टेयर भूमि को हराभरा किया जाना प्रस्तावित है।
वन भूमि व्यपवर्तन: प्रति हेक्टेयर खर्च होंगे 15 लाख
जल संसाधन विभाग द्वारा फॉरेस्ट लैंड के एवज में नई भूमि उपलब्ध कराने हेतु 15 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर खर्च किए जाएंगे।
यदि भूमि राजस्व श्रेणी की है तो बराबर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी,
जबकि रेवेन्यू-फॉरेस्ट होने की स्थिति में दोगुनी भूमि उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
सीआईसी का लाभ: 7 ब्लॉकों की तस्वीर बदलेगी
छिंदवाड़ा इरीगेशन कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत बनने वाले 4 बड़े बांधों से जुन्नारदेव,
छिंदवाड़ा,
मोहखेड़,
बिछुआ,
पांढुर्ना और
सौंसर ब्लॉकों की 1 लाख 95 हजार 500 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी।
वर्तमान में पेंच परियोजना से जिले का केवल आधा हिस्सा ही लाभान्वित हो पा रहा है।
इनका कहना
“वन भूमि व्यपवर्तन के तहत छिंदवाड़ा सहित आठ जिलों में जमीन चिन्हित की गई है। कई स्थानों पर ऑनलाइन आवेदन किए जा चुके हैं और शेष प्रक्रिया भी लगातार जारी है।”
— कुमकुम कौरव पटेल, अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन विभाग
छिंदवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स में ठेकेदार को 2400 करोड़ का भुगतान, 48 प्रतिशत काम हो चुका



