सहकारी समिति कर्मचारियों पर FIR को लेकर महासंघ ने उठाए सवाल
28 लाख रुपए जमा करने के बावजूद FIR पर सवाल, 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सिवनी यशो:- सेवा सहकारी समिति कुडारी के कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज FIR को लेकर मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ जिला सिवनी ने सवाल उठाए हैं। महासंघ ने मामले की निष्पक्ष पुनःजांच, दोषपूर्ण पाए जाने पर FIR वापस लेने या निरस्त करने, खाद्यान्न की वास्तविक घटत की भरपाई तथा कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग जिला कलेक्टर सिवनी सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से की है।
महासंघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि 11 सितंबर 2026 तक मांगों का ठोस निराकरण नहीं होने पर जिले के सहकारी समिति एवं संबंधित उचित मूल्य दुकान कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
28 लाख जमा, फिर भी FIR पर सवाल
महासंघ के अनुसार कुडारी समिति के गेहूं प्रकरण में 1156.26 क्विंटल का अंतर दर्शाया गया है। महासंघ का दावा है कि समिति की ओर से जुलाई में 18 लाख रुपए तथा 3 सितंबर को 10 लाख रुपए, यानी कुल 28 लाख रुपए नागरिक आपूर्ति निगम के खाते में जमा किए जा चुके हैं।
महासंघ ने सवाल उठाया है कि जब समिति की ओर से राशि जमा की जा चुकी है, तो उसके सत्यापन और प्रकरण में समायोजन की स्थिति स्पष्ट किए बिना कर्मचारियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने का आधार क्या है। महासंघ ने जमा राशि के सत्यापन के साथ मामले में नियमानुसार समायोजन किए जाने की मांग की है।
छह सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट पर भी आपत्ति
महासंघ ने प्रकरण की जांच के लिए गठित छह सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। महासंघ का कहना है कि रिपोर्ट पर केवल चार सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। ऐसे में प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि क्या जांच दल के सभी सदस्यों की राय ली गई थी और यदि ली गई थी तो दो सदस्यों ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए।
महासंघ ने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट की पुनःजांच की मांग की है।
फटे बारदानों से लेकर तौल-परिवहन तक घटत का मुद्दा
महासंघ का कहना है कि खाद्यान्न के भंडारण और परिवहन के दौरान फटे बारदानों, तौल, हैंडलिंग तथा परिवहन सहित विभिन्न प्रक्रियाओं में वास्तविक घटत होती है। इसी तरह उचित मूल्य दुकानों में POS मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक के बीच अंतर की समस्या भी सामने आती रहती है।
महासंघ ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रति क्विंटल 1.50 से 2 किलोग्राम तक की घटत को मान्य करने तथा उसके अनुरूप अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की है।
11 सितंबर तक समाधान नहीं तो आंदोलन
महासंघ ने जिला प्रशासन से 11 सितंबर से पहले प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल वार्ता कर सभी मांगों का समाधान करने की अपील की है। महासंघ के जिला अध्यक्ष वंशीलाल ठाकुर ने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि महासंघ की मांग निष्पक्ष जांच, कर्मचारियों के हितों की रक्षा और खाद्यान्न घटत की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर है।
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो सहकारी समितियों एवं संबंधित उचित मूल्य दुकानों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे।



