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मध्यप्रदेश

नियमों में उलझ गए लाखों बच्चे, कक्षाएं खाली

of Secondary Education Bhopal : मध्य प्रदेश बोर्ड द्वारा संचालित स्कूलों में उम्र सीमा के चलते कक्षा 9वीं में एक अप्रैल की स्थिति में 13 साल से कम उम्र के कारण एडमिशन नहीं मिल रहा है।  स्टूडेंट्स के अभिभावक बहुत परेशान है। स्टूडेंट ने कक्षा 8 पास कर ली है अब उसे कक्षा 9 वीं में प्रवेश लेना है। अभिभावक अपने बच्चे बच्ची को लेकर स्कूल एवं संबंधित अधिकारी के पिस जा रह है परंतु सब जगह से उसे निराशा ही मिल रही है।

नई शिक्षा नीति के कारण, अब उम्र की सीमा संबंधी विसंगति से मध्यप्रदेश में इस उम्र के बच्चे बच्चियों की संख्या लाखों में  होने की बात कही जा रही है।

 कर दिया गया है , बोर्ड ने इस बारे में पत्र जारी करते हुए ऑनलाइन नॉमिनेशन की तारीख को 30 नवंबर 2023 कर दिया है।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद बच्चों के स्कूल में एडमिशन को लेकर उम्र संबंधी कुछ नियम लागू किये गए हैं, इसके तहत अब 5 साल से कम उम्र के बच्चे/बच्ची का कक्षा 1 में एडमिशन नहीं हो सकता, इस नियम के लागू होने का मतलब ये निकला कि 13 साल से कम उम्र का बच्चा/बच्ची का एडमिशन कक्षा 9 में नहीं हो सकता, इस नियम से एमपी के हजारों 8वीं पास बच्चे 9वीं में एडमिशन से वंचित रह गए और फीस के लालच तथा नियमों में संशोधन की संभावनाओं में जो प्राईवेट स्कूल इन बच्चों के एडमिशन ले रहे है यदि नियम में शिथिलता नहीं आई तो इन बच्चों का भविष्य का एक वर्ष खराब होना निश्चित है। 

पिछले साल नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर भी निकल जाने के पश्चात सरकार ने नियमों को शिथिल कर दिया था। यही संभावना इस वर्ष. जताई जा रही है परंतु इस प्रकार की छूट से नई शिक्षा नीति के मापदंड पूरे नहीं होते।ऐसे में इन बच्चों का क्या होगा फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता।

नई शिक्षा नीति में कक्षा 9 के लिये 13 वर्ष एवं कक्षा 01 में न्यूनतम 05 वर्ष उम्र 01अप्रैल की बाध्यता निर्धारित की गई है जबकि पहले शिक्षा सत्र जुलाई से प्रारंभ होता था साथ ही दो चार माह कम उम्र के बच्चों को भी स्कूल में प्रवेश देने की परंपरा रही है ।

उम्र की बाध्यता के साथ प्रारंभ हो रहे नये शिक्षा सत्र के कारण अनेक विद्यालय में कक्षा 9 और कक्षा एक में बच्चों की संख्या बहुत कम हो गई है ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में इस उम्र की बाध्यता के कारण कक्षा 9 की क्लास में खाली पड़ी हुई है और एक मेंं बहुत कम प्रवेश आ रहे है।

इस संबंध में सिवनी जिला शिक्षा अधिकारी एस एस कुमरे का कहना है कि नई शिक्षा नीति में इस प्रकार के प्रावधान है और सरकार ने आदेश जारी किये है । बहुत अभिभावक नियमों में शिथिलता की मांग कर रहे है, सरकार इस जो निर्णय लेगी उसके अनुसार व्यवस्था दी जायेगी फिलहाल जो नियम है उसका पालन शिक्षा संस्थानों को करना चाहिए । प्राईवेट स्कूल अभिभावकों को गुमराह न करें ।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने से पहले मध्य प्रदेश में 4 से 5 साल के उम्र के बच्चे/ बच्ची का एडमिशन हो जाता था और 12 से 13 साल उम्र के बीच का बच्चा/बच्ची 9 वीं में एडमिशन ले लेता था लेकिन नई शिक्षा नीति के इस नियम में वे उलझ गए, मामला बोर्ड के अधिकारियों के पास पहुंचा तो इसका समाधान निकाले जाने पर विचार किये जाने संभावना की गुंजाइश है। पिछले सत्र में छूट दी गई थी।

 विभाग द्वारा पिछले साल 9 नवंबर को जारी आदेश के तहत केवल शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए न्यूनतम आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की गई थी।

Dainikyashonnati

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