मंडला में 8 पाक्सो पीड़ितों को हर माह 4000 रु. सहायता, 4 दिन में नवजात को मिला सुरक्षित आश्रय
स्पॉन्सरशिप योजना से मिला आर्थिक संबल, बाल कल्याण समिति और महिला बाल विकास का नवाचार, 60 मामलों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त
पाक्सो पीड़ितों को मिला संबल
मंडला: जिले में पाक्सो पीड़ित बच्चों और बालिकाओं को सहायता प्रदान करने की दिशा में बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हाल ही में 8 पीड़ितों को स्पॉन्सरशिप योजना के तहत हर माह 4 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
यह सहायता जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति (SFCAC) द्वारा अनुमोदित की गई है।
60 मामलों में सपोर्ट पर्सन की नियुक्ति
बाल कल्याण समिति द्वारा पुलिस के माध्यम से प्राप्त 60 पाक्सो प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त किए गए हैं, जो पीड़ितों को कानूनी, सामाजिक और मानसिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
4 दिन में नवजात को मिला सुरक्षित आश्रय
संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक पाक्सो पीड़िता द्वारा जन्मे नवजात शिशु को मात्र चार दिनों के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर शिशु गृह सह दत्तक ग्रहण अभिकरण “मातृ छाया”, जबलपुर में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया।

इस प्रक्रिया में पीड़िता की काउंसलिंग, अभ्यर्पण आवेदन, नोटरी सत्यापन और संबंधित विभागों के समन्वय से त्वरित कार्रवाई की गई।
हर माह हो रहा प्रशिक्षण और समीक्षा
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सपोर्ट पर्सन के लिए नियमित प्रशिक्षण और समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है, जिससे वे संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ कार्य कर सकें।
इनसेट: क्या है स्पॉन्सरशिप योजना?इस योजना के तहत जरूरतमंद बच्चों और पीड़ितों को उनकी देखभाल और पुनर्वास के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
समन्वय से मिल रही त्वरित सहायता
बाल कल्याण समिति, पुलिस विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को विधिक सहायता, मुआवजा और अन्य राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह समाचार बाल कल्याण समिति, मंडला द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।





