मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान के संकल्प के साथ करणी सेना अध्यक्ष का केवलारी में भव्य स्वागत
राजपूत समाज की एकजुटता पर दिया संदेश — स्वाभिमान, सुरक्षा और सामाजिक संगठन से ही मजबूत होगा समाज
राजपूत समाज के सम्मान और परंपरागत विरासत को दर्शाते हुए रविवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर का केवलारी आगमन पर फलों से तौलकर पारंपरिक रूप से भव्य स्वागत किया गया। बस स्टैंड से लेकर कोहका गांव तक सैकड़ों समाजजनों की मौजूदगी में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और माता करणी के जयघोष से वातावरण गौरवमयी हो उठा।करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर का केवलारी आगमन राजपूत समाज के गौरव, सामाजिक एकता और मातृशक्ति सम्मान की चर्चा का केंद्र बन गया। बस स्टैंड पर समाजजनों द्वारा फलों से तौलकर पारंपरिक सत्कार किया गया। इसके बाद रायखेड़ा पंचायत के कोहका ग्राम में माता करणी और महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मातृशक्ति की सुरक्षा और सामाजिक बंधन की ताकत पर जोर दिया गया।
केवलारी/सिवनी यशो:- करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर का रविवार को केवलारी आगमन पर राजपूत समाज के लोगों द्वारा पारंपरिक रीति से फलों से तौलकर भव्य स्वागत किया गया। बस स्टैंड पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम में ठा. उमेश सिंह, राकेश सिंह, नरेश सिंह, बब्लू ठाकुर, नीरज रानू ठाकुर, राकेश राजपूत, सोनू, अक्कू, छोटू ठाकुर सहित सैकड़ों समाजजनों ने गरिमामय आतिथ्य निभाया।
स्वागत पश्चात उनका काफिला रायखेड़ा पंचायत के कोहका ग्राम पहुंचा, जहां मंडला-सिवनी जिले के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग, युवाओं एवं महिलाओं की उपस्थिति में महाराणा प्रताप की छवि पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और माता करणी के जयकारे गूँजे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए शेरपुर ने कहा कि राजपूत समाज का गौरवशाली इतिहास देश की संस्कृति एवं राष्ट्र निर्माण का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद राजपूत रियासतों का भारत में विलय लोकतंत्र को मजबूत करने और समान अधिकार दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। समाज को शिक्षा, एकता और संगठन के मार्ग पर चलकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को संजोना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर समाज का धर्म है कि वह अपने इतिहास, संस्कारों, मातृशक्ति और युवा पीढ़ी की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सजग रहे। समाजिक मूल्यों की मजबूती ही राष्ट्र की ताकत होती है।
उन्होंने केवलारी में पूर्व में घटित घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जब समाज संगठित होकर जिम्मेदारी निभाता है तो प्रशासन भी सक्रिय होता है। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज को भावनात्मक नहीं, बल्कि संवैधानिक तरीके से अपनी बात शासन-प्रशासन तक संगठित रूप में पहुंचानी होगी।
बस स्टैंड में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा —
“किसी को डरने की जरूरत नहीं। समाज संगठित और सजग रहे, मैं जहां भी जरूरत हो, उपस्थित रहूँगा।”
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष करणी सेना सिवनी जसविंदर सिंह भारद्वाज, राकेश सिंह बैश्य, राजेंद्र सिंह चरगांव, सुगम सिंह राजपूत माल्हनबाडा, वीरेंद्र सिंह, एवं मुकेश सिंह राजपूत बंदेली ने भी विचार व्यक्त किए।



