सिवनी यशो:- सिवनी नगर पालिका के पार्षदों ने पिछले माह मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामेश्वर कुर्वेती को एक पत्र सौंपकर नगर के बुधवारी बाजार, सदर काम्पलैक्स में निर्मित 49 दुकाने वर्ष 2007 में नियम कानूनों को ताक पर रखकर दी गयी थी इन दुकानों के कब्जाधारियों को अबैध कब्जाधारी घोषित कर पुन: नीलामी मांग की गयी थी परंतु इस प्रकार का पत्र देने वाले पार्षद भी उस बात को भूल गये और परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने उस पत्र को कचरें के डिब्बे में डाल दिया ।
सिवनी नगर पालिका परिषद के विवेकानंद वार्ड के पार्षद राजेश राजू यादव, अशोक वार्ड के पार्षद विजय गोलू पंडित, रविशंकर भांगरे, श्रीमती गोंविदी सैयाम, श्रीमती अनुसुईया पटवा ने सिवनी नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौँपा था और कहा था कि नगर पालिका परिषद के बुधवारी बाजार स्थित सदर काम्मलेक्स के दुकानदारों के करारनामें के अनुसार किराया वसूली और शर्तो के अनुसार करारनामा का नवीनीकरण नहीं कराने वाले व्यापारियों पर वैधानीक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये । मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौंपने वाले पार्षदों का आरोपो था बुधवारी बाजार के सदर काम्पलेक्स की 49 दुकाने नियम कानून को ताक पर रखकर दी गयी थी और उस समय हुये करारनामें की शर्तो का पालन भी नहीं हो रहा है इसलिये उक्त दकानों में कब्जाधारियों को अबैध कब्जाधारी घोषित करने की मांग की थी ।
यहाँ बता दें कि बुधवारी बाजार के सदर काम्पलेक्स में निर्मित 49 दुकाने वर्ष 2007 में परिषद के आर्थिक हितो को नजरांदाज करते हुये पहले आओ पहले पाओ के तहत दे दी गयी थी यदि इन दुकानों की खुली नीलामी होती तो दुकाने लाखों रूपये में जाती परंतु इन दुकानों को कोडिय़ों के भाव मात्र पचास हजार रूपये जमा कराकर नाममात्र के किराये पर दुकाने दे दी गयी थी और उस समय जो करार हुये था उस करार के हिसाब से करारनामे का हर पैतीस माह में नवीनीकरण और किराया वृद्धि 25 प्रतिशत होना था जो आज तक नहीं हुआ नाममात्र किराया उस समय 12 हजार 346 रूपये वार्षिक निर्धारित हुआ था जो आज तक चल रहा है । पार्षदों का कहना है कि कौडिय़ों के भाव दुकाने लेने वाले दुकानदारों ने आज तक करारनामें का नवीनीकरण नहीं कराया और न ही किराया वृद्धि की शर्तो का पालन किया ।
पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपे अपने पत्र में कहा था कि बुधवारी बाजार के सदर काम्पलेक्स में कौडियों के भाव हाथ लगी दुकानदारों ने पालिका की इस संपत्ति का बेजा दुरूपयोग किया है और दुकानों में मनमाना विस्तार कर लिया है। दुकानों को डबल स्टोरी बना लिया है । एक दुकानदार ने परिषद के द्वारा बनाये गये सार्वजनिक पेशाबघर में कब्जा कर लिया हे । पार्षदों ने परिषद की संपत्ति पर मनमाना कब्जा करने वालों पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग उप पत्र के द्वारा की गयी थी ।
आर्थिक बदहाली की स्थिती से गुजर रही परिषद को अपनी संपत्ति को सुरक्षित कर अपने आर्थिक हित देखना चाहिये परंतु परिषद के अधिकारी और कर्मचारी परिषद के हितों की घोर उपेक्षा कर रहे है । नगर हित को ध्यान रखते हुये परिषद के पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों को भी इस ओर ध्यान देकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराना चाहिये जिसकी अपेक्षा नगर की जनता भी करती है । यहाँ बता दें कि परिषद यदि इन दुकानों की पुन: नीलामी कराये तो परिषद का खजाना समृद्ध हो जायेगा और काम्लेक्स में मनमाना कब्जा कर बैठे दुकानदारों की मनमानी पर रोक भी सुनिश्चित हो जायेगी ।



