कलेक्टर ने मिट्टी के बर्तन, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ और
सजावटी कलाकृतियों की गुणवत्ता एवं मांग का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कलाकारों के उत्पादों की -
पैकेजिंग,
ब्रांडिंग और
मार्केटिंग में सुधार किए जाएँ,
जिससे इनकी बिक्री और आय में वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर उन्होंने सक्रिय महिला स्व-सहायता समूहों से भी चर्चा की,
जिनमें अनेक महिला माटीकला कलाकार शामिल हैं।
कलेक्टर ने कहा कि -
इन समूहों के उत्पादों को स्थानीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि-
पेंच टाइगर रिजर्व आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों तक कलाकारों के उत्पादों की जानकारी पहुँचाई जाए,
जिससे पर्यटक सीधे खरीद कर स्थानीय कलाकारों की आजीविका बढ़ाने में सहयोग कर सकें।
इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह,
एसडीएम श्री विजय सेन
सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।