आग बरसाने वाला नौतपा आज से, सावधानियों का रखें ध्यान
सिवनी यशो:- हिन्दू पंचांग के अनुसार ग्रीष्मकाल के सबसे गर्म दिनों में नौतपा को माना गया है । ज्येष्ठ माह के के प्रथम पखवाड़े में सूर्य की सीधी किरणे धरती पर पड़ती है और सूर्य तथा पृथ्वी इन दिनों में बहुत नजदीक होते है । नौतपा के 9 दिनों में सबसे भीषण गर्मी पड़ती है। ज्येष्ठ माह में जब सूर्य नक्षत्र परिवर्तन कर कृत्तिका से निकल कर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं और वृषभ राशि में स्थित होते हैं। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, नौतपा में सूर्य इस राशि में 10 से 20 डिग्री कोण पर होते हैं और उनकी तेज किरणें धरती पर सीधी पड़ती है। नौ दिनों तक सूर्य की सीधी किरणों के प्रभाव से धरती बुरी तरह से तपने लगती है और तापमान बहुत बढ़ जाता है और इन्हीं दिनों को नौतपा कहते हैं।
ज्योतिष के अनुसार इस बार सूर्य को गुरु का साथ मिलने से नौतपा और भी अधिक झुलसाने वाला होगा। नौतपा इस बार 25 मई से शुरू होगा और 2 जून को समाप्त होगा। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने पर नौतपा शुरू होता है। सूर्य अभी वृष राशि में गोचर कर रहे हैं और यहां इनको गुरु का भी साथ मिल रहा है। नौतपा जिनता अधिक तपता है उतनी अच्छी बारिश की संभावना रहती है । इसके साथ ही यह संभावना भी बढ़ जाति है कि नौतपा की अधिक तपन के पश्चात आंधी तूफान और तेज हवाएँ चलती है ।
नौतपा में सूर्य की तपन में प्रचंडता होती है और इसके बाद प्रारंभ होने वाले मृग नक्षत्र में भी सूर्य की तपन तीखी रहती है । तेज धूप और गर्मी से बचने का पूरा प्रयास करना चाहिये यह मौसम आसामन्य होता है जिसकी प्रखरता से भीषण गर्मी का अहसास होता है और इस गर्मी से बचने के लिये सावधानियों बरतने की नितांत आवश्यकता होती है । नौतपा में दिन में सूर्य की तेज तपन के साथ गरम हवाओं के थपेड़े भी असहनीय होते है । इंसान के साथ ही तेज गर्मी पशु, पक्षियों और पेड़ पौधों पर भी विपरीत प्रभाव डालती है । तेज गर्मी से बचने के लिये हर सभव प्रयास करना चाहिये और सावधानियाँ बरतना चाहिये । नौतपा में सूर्य से आग बरसते हुये प्रतीत होती है, ऐसी प्रखरता वाली तपन से अपने आप को स्वस्थ्य रखने के लिये कुछ खास बातो का ख्याल रखना चाहिये ।
तेज धूप में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिये, धूप में बाहर निकलते समय सिर को गमच्छा या टोपी से सुरक्षित करें, शरीर को अच्छे से ढक कर धूप में निकलें, आँखों में धूप से बचने वाला चश्मा लगाये। घर से बाहर निकलते समय हल्क सुपाच्य भोजन करके के निकले, खाली पेट घर से बिल्कुल भी न निकले । तेज धूप से आने के बाद या तेज धूप में चलते समय शरीर पर पानी न डाले लू लगने का खतरा रहता है । इस दौरान महिलाओं को अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगानी चाहिए, क्योंकि मेहंदी की तासीर ठंडी होती है। गर्मी के दिनों में अधिक से अधिक पानी पिये, सुपाच्य भोजन करें, तली और बासी खाना खाने से परहेज करें । शरीर को तरोताजा रखने के लिये लस्सी, छाछ, कैरी का पानी, आम का पनहा, नींबू की शिंकजी आदि का उपयोग करें,बाजार में मिलने वाले शीतल पेय पदार्थो, बर्फ के अधिक उपयोग से बचना चाहिये । सबसे बेहतर है घरेलू पेय पदार्थो का सेवन करें । इस दौरान आवश्यकतानुसार ग्लूकोज का सेवन भी करते रहना चाहिए। इन दिनों लोगों को मुलायम और सूती कपड़े पहनने चाहिए।




