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शिक्षा माफियाओं पर प्रभावी कार्यवाही की दरकार

जबलपुर कलेक्टर ने की प्रभावी कार्यवाही

सिवनी यशो:- मध्य प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर ने निर्देश जारी कर कहा है कि किसी प्राइवेट स्कूलों ने, किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए पेरेंट्स पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाया तो उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा परंतु अभी तक जबलपुर कलेक्टर ने ही पेरेंट्स की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 18 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मामला दर्ज करने की आदेश जारी किये है। सिर्फ इतना ही नहीं, शिकायत करने वाले पेरेंट्स के नाम गोपनीय रखे गए हैं।
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग और कलेक्टर के आदेशों को प्राईवेट स्कूल के संचालक धत्ता बताते हुयेअभिभावको पर किसी दुकान विशेष से पाठ्य सामग्री और गणवेश लेने के लिये प्रेरित करते है और मनमानी फीस में वृद्धि में की जाती है । इस प्रकार के कृत्य से विद्यालय के संचालक मोटी कमाई करते है । यहाँ बता दें कि सिवनी जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में तक स्कूल खोलकर मनमानी कमाई करने वाले शिक्षा माफिया, शिक्षा को कारोबारी में तबदील कर चुके है । शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इन शिक्षा माफियाओं से मोटा कमीशन लेकर अपनी जुबाँ बंद कर लेते है । इन प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के नाम जो कारोबार होता है उसमें बेरोजगार युवक यवतियों का जमकर शोषण भी होता है । स्कूल में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के मापदंड का भी पालन नहीं किया जा रहा है और अन्य प्रकार के जो मानक शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक होते है उनकी भारी उपेक्षा होती है परंतु प्राईवेट स्कूल के संचालक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर अपनी दुकानदारी संचालित कर रहे है ।
जबलपुर जिला कलेक्टर के निर्देश पर जबलपुर में जिस तरह की प्रभावी कार्यवाही की गयी वैसी ही कार्यवाही सिवनी सहित अन्य जिलों में सुनिश्चित हो जाये तो अनेक शैक्षिणक संस्थानों में तालाबंदी हो सकती है ।
निजी स्कूल प्रबंधनों द्वारा पाठ्य पुस्तकें, अन्य स्टेशनरी सामग्री, यूनिफार्म, टाई, जूते आदि अधिक मूल्य पर चयनित दुकान विशेष से क्रय करने के लिए अनुचित दबाव बनाये जाने की शिकायते हमेशा रहती है परंतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं होने से शिक्षा माफिया अपनी मनमानी करते है ।
शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिये पर्याप्त व्यवस्थाएँ शासन ने निर्धारित की है और शिक्षा के व्यवसायी कारण की अनुमति भी नहीं है परंतु यहाँ तो केवल शिक्षा के नाम पर व्यवसाय और शासन की आँखों में धूल झौंकने का काम हो रहा है

Dainikyashonnati

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