NH-44 के नाले में फेंका खतरनाक बायोमेडिकल कचरा, वन्यजीवों पर मंडराया खतरा
घोघरी के समीप पुलिया के नीचे बड़ी मात्रा में दवाइयां, इंजेक्शन और मेडिकल वेस्ट मिला; सुरक्षित निस्तारण और जांच की मांग
NH-44 के नाले में खतरनाक बायोमेडिकल कचरा, वन्यजीवों पर खतरा
Seoni, 09 October 2026
सिवनी / छपारा यशो:- राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के ग्राम घोघरी के समीप घुनई घाट के शुरुआती मोड़ पर पुलिया के नीचे अज्ञात लोगों द्वारा बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल कचरा फेंके जाने का मामला सामने आया है। 9 अक्टूबर को नाले में मेडिकल वेस्ट नजर आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। मौके पर दवाइयां, इंजेक्शन सहित उपचार के बाद निकलने वाला मेडिकल कचरा बिखरा हुआ मिला है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले में फेंके गए कचरे की मात्रा काफी अधिक है। इसका अनुमान करीब एक वाहन भर और लगभग तीन टन तक लगाया जा रहा है। हालांकि, कचरे की वास्तविक मात्रा, प्रकृति और इसे वहां फेंकने के स्रोत की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खुले में मेडिकल वेस्ट से संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य सेवाओं से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे का सामान्य कचरे से अलग संग्रहण, सुरक्षित परिवहन और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण किया जाना आवश्यक होता है। खुले में दवाइयां, इंजेक्शन और अन्य मेडिकल वेस्ट छोड़ने से संक्रमण, चोट और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है।
मौके पर बड़ी मात्रा में मेडिकल सामग्री नाले में पड़ी होने के कारण स्थानीय लोगों ने तत्काल इसे सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है।
बैनगंगा नदी में मिल जाता है नाले का पानी
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि जिस नाले में यह कचरा फेंका गया है, उसका पानी आगे चलकर बैनगंगा नदी में मिल जाता है। बारिश अथवा पानी के बहाव के दौरान मेडिकल वेस्ट नदी तक पहुंचने की आशंका से जलीय जीवों और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कचरे को नहीं हटाया गया तो यह आसपास के क्षेत्र में फैल सकता है और वन्यजीवों के संपर्क में भी आ सकता है।
कचरा फेंकने वालों की पहचान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके से बायोमेडिकल कचरे को तत्काल सुरक्षित तरीके से एकत्रित कर अधिकृत निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जाए।
साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इतनी बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट कहां से आया और इसे नाले में किसने फेंका। नागरिकों ने दोषियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह खुले में बायोमेडिकल कचरा फेंकने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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