अपने मनोविकार शिव को अर्पित करना सच्ची शिवरात्रि: ब्रह्माकुमारी गणेशी दीदी
Chhindwara 26 February 2025
छिन्दवाड़ा यशो:- शिवरात्रि के पावन पर्व पर उपस्थित शिव के प्यारे भक्तों को ब्रह्माकुमारी गणेशी बहन ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व को बताते हुए कहा की परमपिता परमात्मा शिव के नाम कर्तव्य वाचक गुणवाचक है, जैसे अमरनाथ सोमनाथ बद्रीनाथ पशुपतिनाथ रामेश्वरम बटेश्वर पापकटेश्वर गोपेश्वर इत्यादि है। आत्मा को अमरता की ओर ले जाते हैं इसलिए अमरनाथ ज्ञान रूपी सोम रस पिलाते हैं इसलिए सोमनाथ मनुष्य के कर्म पशु तुल्य हो जाते हैं तो मनुष्य को पशु जैसे संस्कार से देवत्व की ओर ले जाने के कारण पशुपतिनाथ है। परमपिता परमात्मा शिव अज्ञानता रूपी अंधकार अर्थात कलयुग रूपी घोर रात्रि में अवतरित होते हैं। जिनकी याद में हम शिवरात्रि मानते हैं शिवरात्रि का अर्थ है कल्याणकारी रात्रि! जिसमें पाप आत्मा, भूत आत्मा ,पुण्यात्मा, महान आत्मा, धर्मात्मा सभी प्रकार की आत्माओं का कल्याण करते हैं।
परमपिता परमात्मा शिव इस कलयुग रूपी रात्रि में सभी मनुष्य आत्माओं से मनोविकार जैसे काम क्रोध लोभ मोह अहंकार ईर्ष्या घृणा नफरत को अर्पण करने को कहते हैं न की अर्क धतूरा गांजा भांग बीड़ी सिगरेट तंबाकू शराब तमाम नशीली वस्तु को शिव को अर्पण कर देना चाहिए और वह ज्ञान का सागर प्रेम का सागर आनंद का सागर है परमात्मा गुणों में सिंधु है । हम गुणों को जीवन में आत्मसात करने का मुख्य आधार राजयोग मेडिटेशन है। जिससे मनुष्य के संस्कारों में परिवर्तन होने लगता है और जब संस्कार परिवर्तन हो जाता है तब संसार परिवर्तन होने लगता है।
आज प्रात: से ही ब्रह्मा कुमारीज के विश्व दर्शन भवन में परमपिता परमात्मा शिव की प्रतिमा शिवलिंग पूजा अर्पण अभिषेक कर शिव ध्वज फहराया गया,साथ ही ब्रह्माकुमारी की विभिन्न गीता पाठशाला के केयर टेकर श्रीमती किरण, पार्वती परतें ,महेश वर्मा, गुलाब बंआदे दिलीप माहओरे श्रीमती शांति गुप्ता आदि अन्य की उपस्थिति में एवं ब्रह्माकुमारी गणेशी दीदी के सानिध्य में दीप प्रज्वलंकर केक कटिंग के साथ माहा प्रसादी वितरण किया गया।



