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पटवारी ने 48 हजार रुपए  रिश्वत ली है, वापस करा दो

आदिवासी किसानो ने लगाया है आरोप बताया है कि भाईयों के आपसी बंटवारे का था मामला
किसानो ने जनसुनवाई में कलेक्टर को दिया आवेदन

Seoni 04 June 2025
सिवनी यशो :- ग्राम छतरपुर के आदिवासी किसान चेतराम परते, नेतराम परते, शोभाराम परते और सुन्दरलाल परते ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हल्का नंबर 56 के पटवारी सतीश जंघेला एवं ग्राम कोटवार संतोष डेहरिया ने उनसे सीमांकन एवं बंटवारे के नाम पर 48,000 की रिश्वत वसूली की है, जबकि कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया।

किसानों के अनुसार, उन्होंने अपनी पैतृक भूमि के सीमांकन और बंटवारे हेतु दिनांक 28 मार्च 2025 को लोकसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद उन्हें पटवारी सतीश जंघेला ने अपने सिवनी स्थित निवास पर बुलाकर कहा कि कार्य हेतु 52,000 लगेंगे। किसानों ने आर्थिक असमर्थता जताई तो पटवारी ने कहा, “सरकार तुम्हें किसान सम्मान निधि 6 हजार दे रही है, उसी में से दे देना।” अंतत: पटवारी के दबाव में आकर किसानों ने 21 अप्रैल को 24 हजार रुपए सामुदायिक भवन छतरपुर में और 3 मई को 24 हजार रुपए मुंगवानी रोड पेट्रोल पंप पर पटवारी द्वारा भेजे गए लोगों को सौंपे।

किसानों का आरोप है कि उन्होंने यह धनराशि जेवर गिरवी रखकर और बकरियां बेचकर जुटाई। इसके बावजूद न तो कार्य पूर्ण हुआ, न ही उन्हें यह बताया गया कि किसकी भूमि कहां स्थित है।

जब उन्होंने यह शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई में दर्ज कराई, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने बंटवारे के दस्तावेज और पंचनामा में हस्ताक्षर दिखाए। लेकिन आदिवासी किसानों का कहना है कि सीमांकन अधूरा है और उनके हस्ताक्षर बिना जानकारी के या दबाव में लिए गए हैं।

किसानों ने मांग की है कि :-

48,000 की राशि उन्हें तत्काल वापस दिलाई जाए। पटवारी सतीश जंघेला और कोटवार संतोष डेहरिया को निलंबित कर विभागीय जांच की जाए। इन अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। जनजातीय उत्पीडऩ निवारण अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाए।

इनका कहना है
आवेदन के आधार पर जाँच कराई जायेंगी जो तथ्य जाँच में प्राप्त होंगे उसके आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।
दीक्षा पटेल
नायब तहसीलदार भोमा राजस्व मंडल

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