Seoni, 28 July 2025
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई 2025 से प्रारंभ हो गया है, जो राजनीतिक रूप से काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।
सिवनी जिले के केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह इस बार सदन में उग्र तेवर अपनाने का संकेत दे रहे हैं।
यह भी पढ़े :-केवलारी विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए बिजली आपूर्ति
विधायक सिंह ने संकेत दिए हैं कि वे केवलारी क्षेत्र सहित पूरे जिले में विकास के नाम पर हो रहे छलावे, बेलगाम प्रशासन, ठेकेदारों की मनमानी, भ्रष्टाचार, अवैध रेत उत्खनन, वन कटाई, और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से दो-टूक जवाब मांगेंगे।🎙️ विधायक ठाकुर रजनीश सिंह का बयान: "ग्राम पंचायतों, आरईएस, लोक निर्माण, जल संसाधन विभाग सहित अनेक विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुनते। ठेकेदार गुणवत्ता विहीन सड़कें बना रहे हैं और समय पर कार्य नहीं हो रहा। जनता त्रस्त है।"विधायक के अनुसार पंचायत व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है और इसमें ठेकेदारों की भ्रष्ट भूमिका सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की घटिया सड़कों और अधूरे कार्यों पर सदन में सवाल उठाने की बात कहीं है । यह भी पढ़े :-सदन से पहले ही लीक हुआ विधायक का प्रश्न, सरकार की गोपनीयता व्यवस्था पर उठे सवाल एक अन्य गंभीर विषय पर विधायक ने हाल की रेत परिवहन के दौरान डंपर की टक्कर से राहगीर की मौत को उठाते हुए कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से अवैध खनन का साम्राज्य पनप रहा है। वहीं जुआ, सट्टा और नशे के अवैध कारोबार पर भी विधायक सदन में सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।
कांग्रेस भी पूरी तैयारी में
मानसून सत्र के दौरान प्रदेश कांग्रेस भी सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी है। कांग्रेस अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों पर हो रहे अत्याचार, हत्या, मारपीट जैसी घटनाओं को लेकर सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगी। यह भी पढ़े :-सिवनी की पंचायतों में ठेकेदारी लूट! आदिवासी अंचलों में योजनाएँ ‘बेची’ जा रहीं हैं सूत्रों के अनुसार पार्टी ने अन्य जिलों में हुई घटनाओं के दस्तावेजों के साथ सरकार से जवाब मांगने की तैयारी की है।📣 "सरकार का सामाजिक न्याय पर दावा खोखला है, हम इसे सत्र में उजागर करेंगे।" – कांग्रेस
क्या होगा खास इस सत्र में?
- 10 दिन चलेगा सत्र
- विपक्ष की सरकार को घेरेने की पूरी तैयारी
- जिले से जुड़े ज्वलंत मुद्दे उठने की संभावना
- कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर तीखी बहस संभव