पबजी के लती बेटे ने माता पिता की बेरहमी से कर दी हत्या
झांसी -आँन लाईन गेम के दीवाने बेटे ने अपने माता पिता को मौत के घाट उतर दिया । आँनलाईन गेम खेलने की लत इतनी बुरी होती है कि इसकी लत में पड़ा व्यक्ति सनकी हो जाता है और वह किसी भी प्रकार के अवरूद्ध उत्पन्न होने पर गुस्से से पागल हो जाता है । शनिवार को झांसी में घटित इसी प्रकार की एक घटना देश की प्रमुख खबर के रूप सामने आयी है और इस खबर को देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों ने प्रमुखता से प्रसारित किया हहै । चल रही खबरों के अनुसार झांसी में एक लड़के ने अपने माता-पिता का रोटी बनाने वाले तवा से पीट पीटकर बेरहमी मार डाला और माता के विरोध करने पर उन्हें भी मारा जिससे उसके पिता की मौत हो गयी और माँ की अस्पताल पहुँचने पर मौत हो गयी । पबजी खेलने के आदी बेटे से परिवार बहुत दिनों से परेशान था उसका विरोध करने पर वह झगड़ा करता था और मारपीट पर उतारू हो जाता था उसकी इस हरकत से उसकी माँ घर पर अकेली नहीं रहती वह डरती थी और अपने के बाहर जाने पर पड़ोस में किसी के घर बैठकर समय काटती थी या अपने पति के साथ चली जाया करती थी ।
जानकारी के अनुसार पलरा विद्यालय के प्रधानाचार्य लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा (58) मेडिकल कॉलेज के पीछे गुमनावारा, पिछोर में अपने परिवार के साथ रहते थे उनका अंकित नाम का इकलौता पुत्र था और तीन पुत्रियाँ थी दो बेटियों की शादी हो चुकी है एक पुत्री पढाई करने के लिये उरई में रहती थी । शुक्रवार की रात्रि में पबजी के लती अंकित ने अपने माता पिता पर कुकर से हमला कर दिया और कुकर से पिता को इतना पीटा की कुकर चपटा हो गया और लहुलुहान पिता लक्ष्मी प्रसाद ने दम तोड़ दिया । माता के विरोध करने पर उन्हें हैंडिल वाले तवे से पीटा और दोनों पैर मरोड़कर तोड़ दिये माँ चीखती रही परंतु अंकित पर छायी हैवानियत ने माँ पर रहम नहीं किया ।
सुबह लक्ष्मी प्रसाद की बेटी ने घर फोन लगाया तो फोन रिसीव नहीं होने पर उसने पड़ोस में फोन लगाया तो पड़ोस की महिला ने उनके घर के अंदर का नजारा देखा और बेटी नीलम को बताने से पहले पुलिस को घटना की जानकारी दी की लक्ष्मीप्रसाद और उनकी पत्नि लहुलुहान पड़े हुये और फिर नीलम को बताया घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुँची तो हत्यारा बेटा नहा कर सो रहा था जिसने कहा कि उसने ठीक किया और वह मुस्कुराता रहा । पुलिस पहुंची तो विमला कराह रहीं थीं, जिस पर उनको मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। डबल मर्डर पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तवा और कुकर को बरामद कर आरोपी अंकित विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया है कि अंकित पढऩे में होशियार था। उसने जीएनएम का कोर्स किया था और करीब 4 साल पहले रेलवे चिकित्सालय में उसकी कम्पाउंडर के पद पर नौकरी लग गई थी परंतु कोरोना महामारी में उसने नौकरी छोड़ दी और घर में रहने लगा। इसी कोरोना काल में उसकी पबजी खेलने की लत लग गयी थी और वह धीरे धीरे मानसिक रोगी हो गया इसका उसके पिता ने बहुत इलाज भी कराया और वह अंकित को ग्वालियर लेकर जाने वाले थे परंतु इसके पहले ही अंकित ने अपने माता पिता को मौत के घाट उतार दिया । पुलिस के गिरफ्तार करने पर भी वह मोबाईल मांगते रहा ।





