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जो हिंदू है वो हिंसक है… राहुल गांधी उवाच

   नई दिल्ली  :- सोमवार को लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Leader of Opposition in Lok Sabha, Congress MP Rahul Gandhi)  ने अजीबो गरीब टिप्पणी कर सदन को नई बहस में उलझा दिया और आक्रमकता के नाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित  शाह और आर एस एस (Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah and RSS) के हिन्दुत्व (hindutva) पर खरी खोटी बोल गये । 
उन्होंने  कहा कि – हमारे सभी महापुरुषों ने अहिंसा और डर खत्म करने की बात की है…लेकिन, जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे केवल हिंसा, नफरत, असत्य की बात करते हैं…आप हिंदू हैं ही नहीं।
 उनकी इस बात को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा होने लगा   लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हिंदू समाज को लेकर जो टिप्पणी उस पर प्रधानमंत्री  को खड़े होकर आपत्ति जातना पड़ा ।   राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष को कह दिया कि वे हिंदू है ही नहीं और उन्होंने हिंदू धर्म को हिंसा, नफरत से जोड़ दिया। राहुल के बयान पर खुद पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने ही राहुल गांधी के बयान पर प्रतिकार किया है । 
गृहमंत्री अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डां. मोहन यादव सहित अनेक भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को हिंदु समाज को लज्जित करने वाला बयान बताया है और कहा है उन्होंने देश के सबसे बड़े मंदिर में इस प्रकार की बयान बाजी कर समस्त हिंदु समाज को अपमानित किया है । 
श्री गांधी ने कहा कि जो अपने आप को हिंदू कहते है वे  हिंसक है और उन्होंने प्रधानमंत्री सहित अन्य नेताओं को कहा कि वे हिन्दु है ही नहीं । उनके इस बयान के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आसंदी से आग्रह किया कि नेता प्रतिपक्ष संवैधानिक व्यवस्था का उल्लंघन कर रहे है और उनके बयान 349 एवं 352 – 2 का उल्लंघन है । इसके साथ ही गृहमंत्री ने भी नेता प्रतिपक्ष की बयानबाजी का विरोध किया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि जो अपने आपको हिंदू कहते है वो हिंसा की बात करते है हिंसावादी बाते करते है, इस बयान को अमित शाह ने गलत बताते हुये कहा कि हिंसा को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता । 
सोमवार को सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुये नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोल रहे थे इस दौरान उन्होंने अग्रिवीर योजना के संबंध में बोलते हुये योजना को प्रधामनमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्यक्तिगत सोच के कारण योजना प्रारंभ करने की बात कहीं एवं आरोप लगाया कि अग्रिवीर की मौत पर सरकार मुआवजा नहीं देती तथा उन्हें शहीद का दर्जा नहीं देती । उनकी इस बात का सदन में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबाव दिया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन को गुमराह न करें और गलत बयान न करें । रक्षामंत्री श्री सिंह ने बताया कि अग्रिवीर योजना प्रारंभ करने के पूर्व अनेक सैन्य अािधकारियों एवं पूर्व अधिकारियों से अधिकारियों से सलाह ली गयी थी । अग्रिवीर सेवा के दौरान मौत होती है तो उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है । 
इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने अन्य मुद्दों पर भी बयान बाजी की और वे सदन में अनेक धर्मो के देवी देवताओं के चित्र लेकर पहुँचे थे और बता रहे थे कि किसी भी धर्म के देवी देवता डराने का काम नहीं करते है और सभी कहते है कि डरो मत, डराओ मत । उन्होंने नीट की परक्षा का मामला भी अपनी चर्चा के दौरान रखा । राहुल गांधी के अधिकांश भाषणो के हिस्से पर सदन में मौजूद सत्ता धारी दल के सदस्य नियमो का हवाला देकर नियमो के विपरीत बताते रहे  इसके साथ ही लोकसभा अध्यक्ष द्वारा भी उन्हें इस बात के लिये बार बार टोका गया कि वे नियमों, सदन की मर्यादा एवं मान्य मर्यादाओं के विपरीत बात कर रहे है । राष्ट्रपति के अभिभाषण की गरिमा के विपरीत बोल रहे है । 
सदन की पूरी कार्यवाही के लिये यूट्युब पर वीडिओ देखें 
https://www.youtube.com/live/xjVs0F2Qiv8?si=VE80er1Qer0hC-x-
हालांकि राहुल गांधी ने टोका टांकी के बाद अपने भाषण को सुधरने की कोशिश की वहीं बीजेपी सोशल मीडिया में आक्रमक हो गयी और राहुल गांधी के बयान के पक्ष कांग्रेस की महासचिव प्रिंयका गांधी वाड्रा सहित अन्य कांग्रेसी नेता सक्रिय हो गये ।

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