कलेक्टर कार्यालय परिसर में दो माह के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश, प्रदर्शन व ज्ञापन पर रोक
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश लागू
Seoni 04 February 2026
सिवनी यशो:- जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती शीतला पटले द्वारा कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रभावशील किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, बिना पूर्व अनुमति के कलेक्टर कार्यालय परिसर में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह एकत्रित नहीं हो सकेगा। परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का प्रदर्शन, जुलूस या रैली निकालना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही बिना अनुमति ज्ञापन देने हेतु कार्यालय परिसर में प्रवेश भी वर्जित किया गया है।
हथियार लेकर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, चाकू या अन्य किसी भी प्रकार के धारदार अथवा घातक हथियार लेकर कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। इस प्रकार की गतिविधि को कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा।
ज्ञापन देने की प्रक्रिया तय
ज्ञापन देने के इच्छुक व्यक्तियों अथवा संगठनों को अनुविभागीय दण्डाधिकारी अथवा कार्यपालिक दण्डाधिकारी को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। अनुमति मिलने की स्थिति में भी पूरे समूह को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आदेश के अनुसार केवल एक प्रतिनिधि, जो समूह का अधिकृत मुखिया होगा, कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश कर संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी से संपर्क करेगा। इसके पश्चात् कार्यपालिक दण्डाधिकारी अपने विवेक से कार्यालय के भीतर या परिसर के बाहर ज्ञापन प्राप्त करेंगे।
भड़काऊ नारों पर सख्त रोक
किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा हिंसा भड़काने वाले,
समाज में वैमनस्य फैलाने वाले अथवा
किसी व्यक्ति विशेष के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
ऐसे कृत्य को दण्डनीय अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
समस्त ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी, सिवनी के कार्यालय में ही प्राप्त किए जाएंगे।
किन पर लागू नहीं होगा आदेश
सिवनी कलेक्टर कार्यालय प्रतिबंधात्मक आदेश सर्वसाधारण पर लागू रहेगा,
किंतु कर्तव्य पर तैनात शासकीय सेवकों,
पुलिस बल के सदस्यों,
मजिस्ट्रेटों तथा शासन निर्देशानुसार-
आयोजित बैठकों में आमंत्रित व्यक्तियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
जारी आदेश दिनांक से आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा।



