आर आई और पटवारी एक साल में गरीब आदिवासी को नही दिला पाए मालिकाना हक
तहसीलदार द्वारा 06/06/2023 को दिए आदेश की कर रहे अवहेलना
सिवनी/धनौरा यशो:= मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया डाक्टर मोहन यादव द्वारा समाज के ऐसे वर्ग का विशेष ध्यान रखने के लिये कहा गया है जो विकास की मुख्यधारा से पिछड़् गये है और उन्हें बेहतर सुविधाएँ देने के निर्देश दिये गये है साथ ही राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी को आदेशित किया गया है कि किसी भी किसान का बटवारा, सीमांकन, भूमि स्वामी को कब्जा दिलाना सभी प्रकार के प्रकरण तत्काल निपटारा करने के आदेश दिए गए है ।
सरकार के स्पष्ट आदेशों के बाद भी अधिकारी कर्मचारी मुख्यमंत्री का आदेश न मानकर अपनी मनमर्जी से अपना काम करते नजर आ रहे। इसी तरह एक साल बीत गया लेकिन धनौरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरेली की निवासी जेमवती बाई जाति गौंड प0ह0न 46 खसरा नं 282 रकबा 0.71हेक्ट. है जो की भूमि स्वामी जेमवती बाई पति सुखराम गौंड के नाम पर है। उक्त जमीन पर हेमराज पिता छीददी लाल यादव जाति अहीर के द्वारा कब्जा किया गया है जो की तहसीलदार के जांच के दौरान सही पाया गया जिसका आदेश 06/06/2023 में तहसीलदार के द्वारा जारी कर 7 दिवस के अंदर निराकरण कर भूमि स्वामी को मालिकाना हक दिलाने राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी सहित थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया था।
आदेश के बावजूद आज एक साल हो गया लेकिन आज दिनांक तक राजस्व निरीक्षक धनौरा और ग्राम बरेली हल्का पटवारी ने भूमि स्वामी को मालिकाना हक़ नहीं दिला सके जिससे तहसीलदार द्वारा दिए गए आदेश की अवहेलना की जा रही है। साथ ही आर आई से बात करने पर वो कहता है की मेरे पास कोई आदेश नहीं हैं। साथ ही कब्जा करने वाले लोगों का साथ देना साफ प्रतीत होता है इसके चलते भूमि स्वामी तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने मजबूर हैं। अब देखना है नए तहसीलदार महोदय इस पर कोई कार्यवाही कर पाते ही की नही और आदिवासी परिवार को न्याय मिल पाता है की नहीं। पीडित आदिवासी आवेदन निवेदन कर रहा है परंतु उसके आवेदन निवेदन से किसी को कोई असर नहीं हो रहा है ।
[pdf-embedder url=”https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2024/08/dhanaura-3.pdf” title=”dhanaura -3″]



