करोड़ो का घोटाला, कर्मचारियों पर प्रताडऩा, हो सकती है अनहोनी
सहकारी समिति में करोड़ो का घोटाला, छोटे कर्मचारी हो रहे प्रताडि़त, प्रशासक और प्रबंधक कर रहे शराबखोरी, खातेदारों की जमा राशि भी डकारी, किसानों की योजना पर डाला जा रहा डाका, कर्मचारियों के वेतन से पहले होती है वसूली
कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जाँच की मांग की
Seoni 18 December 2024
सिवनी यशो:- सहकारिता विभाग में करोड़ो रूपये के घोटाले हो रहे है । राजनैतिक व्यक्तियों के साथ सांठ गांठ कर सहकारिता विभाग के अधिकारी सेवा सहकारी समितियों का बंटाडार कर रहे है । छोटे कर्मचारियों को फसादेने की धमकी देकर उनके हस्ताक्षर से लाखों रूपये जेब में भर रहे है और इस अनैतिक कमाई का कुछ हिस्सा राजनैतिक नेताओं को भेंटकर उनकी गुलामी कर रहे हे ।
सहकारिता विभाग के अधिकारी जिले की सहकारी समितियों को अपनी चारगाह बनाये हुये है । सहकारिता से जिले की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ होना तो बहुत दूर की बात है, किसानों के नाम पर अधिकारी और नेता नुमा दलाल अपना घर भर रहे है । सहकारी समितियाँ किसानों का जिस तरह से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से शोषण कर रही है वह किसानों के लिये बहुत दुखदायी तो ह है ही किसानों के कल्याण के नाम पर सरकारी धन की स्पष्ट रूप से बर्बादी है ।
जिले की सहकारी समिति के छोटे कर्मचारी अपने शोषण की शिकायत भी करने से भयभीत रहते है उन्हें उच्च पदाधिकारी इस तरह से अपने जाल फसा लेता है वह कर्मचारी एक गुलाम बनकर अपना पूरा जीवन गुजरता है और भ्रष्टाचार का एक अहम हिस्सा बनने के लिये मजबूर रहता है । एक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के एक लेखापाल सहित अन्य कर्मचारियों ने अपने प्रबंधक एवं प्रशासक की मनमानियों के संबंध में जिले के सहकारिता विभाग के अधिकारियों को अनेक बार अवगत कराया परंतु प्रशासक की राजनैतिक पहुँच के कारण उन कर्मचारियों को कोई राहत तो मिल नहीं रही है उल्टे उन पर अत्याचार का बढ़ गया है । जेल जाने की धमकियों और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण मजबूर कर्मचारियों के हाथ बंधे हुये है ।
इसके वाबजूद भी उक्त कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत की है परंतु कार्यवाही अभी तक नहीं होने उनकी चिंताएँ बढ़ गयी है । बताते है कि उक्त सहकारी समिति ने करोड़ो रूपये के घोटाले कर लिये है परंतु वहाँ प्रशासक का ऐसा खौफ है कि उसके विरूद्ध विभागीय अधिकारी कोई एक्शन नहीं ले रहे है और कर्मचारी सहमे हुये है अब रात दिन किसी भी समय समिति के कार्यालय में शराब खोरी बढ़ चुकी है । समिति के खातेदारों की जमा राशि भी प्रशासक और प्रबंधक डकार चुके है । कर्मचारियों को वेतन के नाम पर आधा अधूरा वेतन दिया जा रहा है और धमकियों तेजी से बढ़ रही है । गुलामी की जिंदगी जी रहे कर्मचारी मानसिक रूप से इस कदर प्रताडि़त है कि कुछ अनहोनी भी हो सकती है ।
प्रताडि़त कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर निष्पक्ष जाँच की मांग की है ।
नोट :- समिति के नाम का उल्लेख करने में सावधानी बरतना आवश्यक समझ गया है । खातेदार और किसान पैनिक न हो इसलिये नाम का उल्लेख नहीं किया गया है



