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छिंदवाड़ामध्यप्रदेशराजनीतिसिवनी

कांग्रेस के सामने सेकेन्ड लाईन की समस्या

योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए,अधिकारियों की कमी दूर हो
सोनू मांगो को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

गोविन्द चौरसिया

छिंदवाड़ा। कांग्रेस की फ्रन्ट लाईन उन्हें छोड़ देगी, यह कमलनाथ ने कभी सोचा भी नहीं था।
बताया जाता है कि जिले में छोटे बड़े लगभग 8 हजार कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस छोड़ी। जिले के सभी विधानसभा एवं ब्लाक स्तर के नेता कांग्रेस छोड़ गये।
कांग्रेस के फ्रन्ट लाईन के नेता तो चले गये किन्तु कमलनाथ ने कभी सेकेन्ड लाईन तैयार नहीं की ऐसा कहा जाता है।

कमलनाथ सितम्बर माह में आने वाले है, उनके सामने कांग्रेस की सेकेन्ड लाईन के नेता चुनने की चुनौती है। छिंदवाड़ा एवं पांढुर्ना की जिला कांग्रेस कमेटियां भंग कर दी गई, लोकसभा हारने के कारण विश्वनाथ ओक्टे ने नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दे दिया था। कमलनाथ के सामने नये नेता को चुनने की समस्या खड़ी हो गई।

विश्वनाथ ओक्टे के स्थान पर उन्होने गंगा तिवारी को जिला अध्यक्ष बनाना चाहा, किन्तु उम्र के कारण गंगा तिवारी ने अध्यक्ष बनने से इंकार कर दिया। वैसे भी वे प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष थे तो जिलाध्यक्ष कैसे बनते। गंगा तिवारी के मना करने के बाद मजबूरी में विश्वानाथ ओक्टे को ही पुन: जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया।

कांग्रेस को सेकेन्ड लाईन खड़ा करने में कमलनाथ के सामने समस्या है। बताया जाता है कि दीपक सक्सेना के खास रहे धर्मेन्द्र सोनू मांगो ने कमलनाथ का साथ नहीं छोड़ा है। सोनू मांगो नगर निगम के अध्यक्ष है, उन्हे भाजपा हटाना चाहती थी किन्तु प्रदेश सरकार ने उन्हें एक वर्ष का अभयदान दे दिया।

शराब के व्यवसाय में लगे सोनू मांगो का कांग्रेस में अच्छा भविष्य है, बताया जाता है कि कमलनाथ और नकुलनाथ उन्हें ही आगे बढायेंगे। क्योंकि वे साधन सम्पन्न है। उन पर दबाव थ कि वे भाजपा में शामिल हो जावे किन्तु वे भाजपा में शामिल नहीं हुये।
बताया जाता है कि भविष्य में जिला कांग्रेस कमेटी की कमान उन्हें सौंपी जा सकती है या कांग्रेस में कोई महत्वपूर्ण पद मिल सकता है।

भाजपा लोकसभा पहली बार जीती है, कमलनाथ अभी कांग्रेस के विधायक है। जो भीड़ सहायता के लिये शिकारपुर में लगती थी वह भीड़ अब बंटी विवेक साहू के कार्यालय में लगने लगी है।
वैसे अभी उनके पास मद्द के लिए विधायक निधी है।

जिले में विकास संभावनायें बहुत है, कांग्रेस सरकार के बहुत से प्रोजेक्ट रूके है, उसे आगे बढ़ाना, जिससे विकास तेजी से हो सके। जिले में सिंचाई काम्पलेक्स को 5 वर्षो से ज्यादा हो गये किन्तु उसका जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं दिखाई देता है, भाजपा को उच्चस्तरीय या मुख्यमंत्री के सामने उसकी समीक्षा करनी चाहिये।

इसके अलावा रेल संबंधी सुविधाओं को बढ़ाना होगा। रेल्वे स्टेशन का विकास तो हो रहा है, किन्तु नई रेले चलाने की जरूरत है। सबसे पहले पीट लाईन याने वाशिंग स्टेशन छिंदवाड़ा में बन जावे तो नागपुर, जबलपुर एवं आमला में धुलने वाली ट्रेनें छिंदवाड़ा में धुलने लगेगी, इसके अलावा डबल रेल लाईन की आवश्यकता है। डबल रेल लाईन यदि स्वीकृत होती है तो इससे रेल लाईनों की दूरी कम होगी।

जिले में सबसे ज्यादा कमियां अधिकारियों की है, सब कार्य प्रभारियों के भरोसे चल रहे है। यहां पर अधिकारियों को पदस्थ करने की आवश्यकता है। सांसद इसकी समीक्षा करें कि कितने अधिकारी कम है, उनकी सूची बनाकर मुख्यमंत्री से चर्चा करे एवं उनकी पद स्थापना हो सके। जिससे जिले की योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके और तेजी से विकास हो सके। जनता ने विकास के लिए वोट दिया है इसीलिए तेजी से विकास के लिए प्रयास करने चाहिये।

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