मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन, 11 कारोबारियों पर 1.80 लाख का जुर्माना
दूध से पान मसाला तक छापामार जांच का दौर, बिना पंजीयन कारोबार और गंदगी में खाद्य निर्माण पर कसा शिकंजा; दर्जनों खाद्य नमूने जांच के घेरे में
मिलावटखोरों पर शिकंजा, 11 खाद्य कारोबारियों पर 1.80 लाख का जुर्माना
सिवनी यशो :- जिले में मिलावट, अवमानक खाद्य सामग्री और खाद्य कारोबार में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जुलाई 2026 से अब तक 11 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर 1.80 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। इसके साथ ही दूध, नमकीन, सेव पोहा, मैदा, मूंगफली, पान मसाला, सूजी और तुअर दाल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए जा रहे हैं।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीमें लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरी और दूध विक्रेताओं की जांच कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ निर्माण प्रक्रिया, साफ-सफाई और खाद्य कारोबार के पंजीयन की भी पड़ताल की जा रही है।
डेयरी से होटल-किराना तक, जहां जो मिला वहीं से नमूना
8 सितंबर को अभिहित अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने इंडियन कॉफी हाउस की किचिन और भोजन निर्माण में इस्तेमाल हो रही खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया। प्रतिष्ठान में की जा रही सुधारात्मक कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त की गई।
इसी दिन कहानी स्थित सोनू दूध डेयरी, घंसौर से भैंस के दूध का नमूना लिया गया। वहीं बालाजी होटल से नमकीन, सेव पोहा और मैदा के नमूने जांच के लिए लिए गए।
दूध की मौके पर जांच, रैपिड टेस्ट में मानक मिला
9 सितंबर को आर.वी. दूध संकलन केंद्र, अरी में रैपिड टेस्टिंग किट से दूध के नमूनों की मौके पर जांच की गई। जांच में दूध मानक स्तर का पाया गया।
इसके बाद अरी-बरघाट क्षेत्र में भी कार्रवाई जारी रही। आशीष किराना से पान पराग पान मसाला, पटेल किराना स्टोर से मूंगफली एवं मिक्स नमकीन तथा नीरज किराना स्टोर से सूजी और तुअर दाल के नमूने लिए गए। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा।
25 हजार का जुर्माना, बिना पंजीयन वालों पर भी गिरी गाज
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई में साईं प्रसाद टाइगर रिसोर्ट पर अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री का निर्माण किए जाने के मामले में 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
वहीं हीरालाल सूर्यवंशी, भटेखारी किराना स्टोर और पवन शिवहरे, धूमा द्वारा बिना पंजीयन खाद्य कारोबार किए जाने पर दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
मनोहर अमृत तुल्य चाय, सिवनी पर अवमानक खाद्य सामग्री के विक्रय के मामले में 10 हजार रुपये तथा अभिषेक बघेल द्वारा गुटखा विक्रय किए जाने पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
इसके अलावा किशोरी लाल यादव, दूध विक्रेता, पुनवारा लखनादौन पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
अब नमूने बताएंगे असली हकीकत
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और नमूना कार्रवाई लगातार जारी है। दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच के लिए मौके पर रैपिड टेस्टिंग किट से परीक्षण किया जा रहा है, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
खास बात यह है कि मौके पर होने वाली जांच के साथ प्रयोगशाला रिपोर्ट भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट, अवमानक सामग्री का विक्रय, अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण अथवा बिना पंजीयन खाद्य कारोबार करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
मिलावट के खेल पर प्रशासन की नजर
जिले में खाद्य कारोबारियों के खिलाफ बढ़ती जांच और न्यायालय द्वारा लगाए जा रहे अर्थदंड से साफ है कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामलों को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। अब लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि जांच के दायरे में आए खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर कितने खरे उतरते हैं।
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