सिवनी

छात्रों ने औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण कर, पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया को समझा

पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत गुरूकुल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

Seoni 23 March 2025

सिवनी यशो:- पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को), पर्यावरण विभाग, म.प्र. शासन भोपाल, वन एवं जलवायु मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान एवं जिला कलेक्टर श्रीमती संस्कृति जैन व जिला शिक्षा अधिकारी एस.एस.कुमरे के निर्देशानुसार गुरुकुल पब्लिक हॉयर सेकेंडरी स्कूल, बरघाट को ”पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रमÓÓ वर्ष 2024-25 के आयोजन हेतु चयनित किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सतत जीवनशैली कार्यशाला, प्रतियोगिता, प्रदर्शन, अभियान एवं प्रकृति भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इन सभी कार्यक्रम के आयोजन संस्था प्रमुख नरेश सिंह राजपूत एवं प्राचार्य श्रीमती ज्योति सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

आयोजन की श्रृंखला में भ्रमण कार्यक्रम तहत छात्रों को औद्यौगिक भ्रमण कराया गया जिसमें बच्चों को भुरकल खापा, सिवनी में स्थापित नंद गोपाल, राइस मिल प्रो.प्रा. करण जैन, ए.के. इंटरप्राइजेस, प्लास्टिक मटेरियल फैक्ट्री, अमित अमरोदिया, रूद्र गंगा इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, सुरेन्द्र सनोडिय़ा, इलेक्ट्रिक पोल फैक्ट्री, चैतन्य जैन आदि का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने पर्यावरण अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाओं एवं प्रदूषण को कैसे नियंत्रित किया जाता है, को करीब से देखा और सीखा।

इसके साथ ही, ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य की थीम पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बच्चों ने रचनात्मकता के साथ प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत सतत जीवन शैली पर एक विशेष हस्तशिल्प कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को बम्बू क्राफ्ट और बनाना फाइबर क्राफ्ट के बारे में जानकारी दी गई। विद्यालय के शिक्षिका भाव्या राजपूत एवं शिल्पकार श्रीमती अनीता बंशकार द्वारा छात्रों को इन पारंपरिक शिल्पकलाओं की तकनीक सिखाई। श्रीमति अनीता बंशकार का सम्मान प्रतीक चिन्ह देकर किया गया।

विद्यालय के संचालक नरेश सिंह राजपूत ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास छात्रों को न केवल पर्यावरणीय चेतना प्रदान करते हैं बल्कि उनके रचनात्मक कौशल को भी विकसित करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती ज्योति सिंह राजपूत ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम ने बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक हस्तशिल्प के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की शिक्षिका कल्पना सोनवाने, पूजा अहिरवार एवं निशाद खान की भूमिका रही।

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