नि:शुल्क साईकिल वितरण योजना से छात्रों को मिलेगी कबाड़ साईकिल
छपारा जनपद शिक्षा केन्द्र में एक ट्रक साईकिलों के पुर्जे पहुँचे : बरसात में पड़े है खुले आसमान के नीचे
Seoni 01 July 2025
छपारा यशो:- मध्य प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों आर्थिक रूप से कमजोर छात्र छात्राओं को नि:शुल्क साईकिल योजना चलायी जा रही है । सरकार की यह महत्वाकांक्षी और विद्यार्थी हित की योजना को सरकारी तंत्र अपनी लापरवाही से मटियामेेट कर रहा है । सरकारी साईकिल वितरण योजना में सप्लाई हो रही साईकिलों की क्वालिटी जहाँ घटिया बतायी जा रही है वहीं जनपद शिक्षा केन्द्र में वितरण के लिये पहुँच रही साईकिलों के पुर्र्जे खुले आसमान के नीचे पड़े होने से बरसात में खराब हो रहे है ।

जानकारी के अनुसार पिछले दिनों छपारा जनपद शिक्षा केन्द्र में छपारा क्षेत्र के स्कूलों में वितरण के लिये एक ट्रक साईकिलों के अलग अलग पुर्जे भेजे गये है जो छपारा जनपद शिक्षा केन्द्र के पीछे खुले आसामान के नीचे पड़े हुये है इनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है जहाँ बरसात और धूप में यह खराब हो रही है वहीं इनके चोरी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता ।
घटिया क्वालिटी की साईकिले
शिक्षा केन्द्र से जुड़ें सूत्र बता रहे है कि साईकिल वितरण के लिये जिस साईकिलसाईकिल निर्माता कंपनी ने ठेका लिया है वह सरकार की मुफ्त रेवड़ी योजना समझ कर घटिया क्वालिटी की साईकिले सप्लाई कर रही है । जिससे यह साफ हो रहा है कि साइकिल वितरण योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है ।
योजना सरकारी तंत्र के स्वार्थ की भेंट
विशेष तौर पर बालिकाओं को इस योजना के तहत स्कूल जाने में आसानी हो इस उद्देश्य से यह योजना चलाई गयी है परंतु योजना का वास्तविक लाभ देने में अब लापरवाही तथा कमीशन का खेल होने की चर्चाएं होने लगी है । इस योजना में जिम्मेदार अपना स्वार्थ तलाश रहे है कम से कम कीमत वाली साईकिले वितरण के लिये सप्लाई करने का ठेका दे रहे है जिससे छात्राओं को घटिया गुणवत्ता वाली साईकिले प्राप्त हो रही है ।
छ: माह में हो जायेगी कबाड़
इन साइकिलों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह महज 6 महीने में ही रद्दी में बदल जाती हैं। पहले जहाँ एक साइकिल 5-7 साल तक चलती थी, वहीं अब मात्र 4500 की कीमत वाली साइकिलें छह महीने के भीतर ही खराब हो रही हैं और कबाड़ में बदल जाती है ।



