रासायनिक क्रियाओं को देख चमत्कार (Miracle) मानना अंधविश्वास (Superstition)
स्कूली बच्चों को जागरूक करना विज्ञान है
सिवनी यशो:- जादू नहीं विज्ञान है, समझना-समझाना आसान है- उद्देश्य इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विज्ञान के चमत्कारों के माध्यम से स्कूली बच्चों का ज्ञान वर्धन करना, विज्ञान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, प्रयोगों को समझने हेतु सरल बनाना एवं जनसामान्य में व्याप्त अंधविश्वास (Superstition ) को दूर करना ।
डॉ. दिनेश गौतम एवं प्राचार्य महेश गौतम ने बताया कि विज्ञान (Science) में अनेक ऐसी रासायनिक एवं भौतिक घटनाएं हैं, जो चमत्कारिक हैं। विज्ञान की इन चमत्कारिक रासायनिक एवं भौतिक (chemical and physical) घटनाओं में से कुछ का वर्णन इस माड्यूल में किया गया है। ढोंगी / पाखण्डी बाबा (hypocrite Baba) विज्ञान की इन चमत्कारिक घटनाओं को गांव की भोली-भाली जनता के बीच जादुई रूप में प्रदर्शित करते हैं, एवं अपने आप को एक सिद्ध साबित करने का प्रयास करते हैं।
ऐसी अनेक घटनाएं प्रकाश में आयी हैं कि ये ढोंगी बाबा / पंडे इन घटनाओं को गांव की जनता के बीच प्रदर्शित कर उनके घर के भूत को भगाने, उनकी समस्याओं को दूर करने का वादा कर उन्हें अपने झांसे में ले आते हैं और फिर ठग लेते हैं, जबकि ये विज्ञान की चमत्कारिक घटनाएं हैं। उल्लेखनीय है कि विज्ञान में भूत का कोई अस्तित्व नहीं है। यदि विज्ञान की इन चमत्कारिक घटनाओं का प्रदर्शन स्कूली बच्चों के बीच सतत् रूप से किया जावे तो बच्चों में विज्ञान के प्रति रूचि जागृत होगी तथा उनके बौद्धिक ज्ञान में वृद्धि होगी। साथ ही बच्चों के माध्यम से इन घटनाओं का प्रचार-प्रसार जनता के बीच भी हो सकेगा और जनसामान्य में व्याप्त अंधविश्वास को दूर करने में सहायक होगा तथा भोली भाली जनता को ठगने से भी बचाया जा सकेगा। चूकिं ये घटनाएँ विज्ञान के प्रयोग ही हैं अत: इनसे बच्चों को प्रयोगों को समझने में भी सरलता होगी। मॉड्यूल में समाहित ज्यादातर चमत्कार स्कूली पाठ्यक्रम पर आधारित हैं।
अत: समस्त प्राचार्य एवं शिक्षक साथी इन चमत्कारिक घटनाओं को सीखें समझें, करके देखें तथा इन चमत्कारों का सतत प्रदर्शन स्कूली बच्चों के बीच करें ताकि बच्चों में ज्ञान वर्धन हो एवं बच्चों के माध्यम से जन सामान्य में व्याप्त अंधविश्वास को दूर करने में भी सहायक हो सके। एक समाचार पत्र के सर्वे के अनुसार हमारे देश में प्रत्येक तीसरे दिन एक मौत जादू-टोना व अंधवि वास के कारण होती है। सन् 2001 से 2014 तक के 14 वर्ष की रिपोर्ट [1] में यह पाया गया है कि भारत में 2290 महिलाओं की मौत का कारण जादू-टोना व अंधवि वास है, जिसमें मध्यप्रदेश में 234 मौतें दर्ज है। इसका कारण भी समाज में व्याप्त अंधवि वास जादू-टोना है।)





