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मुख्यमंत्री चरण पखारते है और अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान कर रहे है

मुख्यमंत्री आदिवासी के अपमान पर चरण पखारते है और उन्हीं के अधिकारी निर्वाचित आदिवासी जनप्रतिनिधि का सार्वजनिक अपमान कर रहे है
छपारा यशो:-जनपद पंचायत छपारा में पदस्थ मुख्यकार्यपालन अधिकारी सुमन खातकर विवादित, भ्रष्ट छवि के लिये काफी बदनाम है और उन पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से उनके हौंसले बुलंद है । जिले की सिवनी, केवलारी जनपद में उनकी पदस्थी के दौरान अनेक विवाद सार्वजनिक हुये है और उनके अशिष्ट व्यवहार के कारण केवलारी जनपद पंचायत के अध्यक्ष सहित जनपद के सभी सदस्यों ने उन्हें हटाने के लिये सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी दिया जिसके बाद उन्हें छपारा जनपद में पदस्थ कर दिया गया परंतु यहाँ भी उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं है उनके द्वारा छपारा जनपद पंचायत के निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कक्ष की बैठक व्यवस्था को जो स्वरूप दिया गया है वह अशिष्टता की श्रेणी से कम नहीं है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को इस तरह से अपमानित करने की मानसिकता प्रदेश की संवेदनशील सरकार के प्रति आदिवासी समाज में दुर्भावना पैदा करने के लिये पर्याप्त है । जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासी के समाज के सामान्य व्यक्ति के साथ दुव्र्यवहार होने पर उसके पैर पखार कर उसे समाज में सम्मान देने का संदेश दे रहे है वहीं छपारा जनपद की मुख्यकार्यपालन अधिकारी निर्वाचित जनपद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बैठने के लिये इज्जतदार कुर्सी के भुगतान न कर कुर्सियाँ वापिस कर रही है जबकि इनके पूर्व पदस्थ मुख्यकार्यपालन अधिकारी के आदेश पर यह कुर्सियाँ खरीदी गयी थी । अध्यक्ष उपाध्यक्ष की कुर्सियाँ दुकानदार द्वारा भुगतान न होने के कारण वापस ले जाने से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपमानित महसूस कर रहे है और सार्वजनिक रूप से अनेक व्यक्ति इस बात को लेकर उनका मजाक भी उड़ा रहे है ।
छपारा जनपद के इस घटना क्रम से आदिवासी समाज में नाराजगी का वातावरण बन रहा है और आदिवासी समाज के निर्वाचित अध्यक्ष के अपमान से सत्ता विरोधी राजनैतिक दल भी इसे मुद्दा बना रहे है । मुख्यकार्यपालन अधिकारी द्वारा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को अपमानित करने की मानसिकता से किये गये इस काम की छपारा क्षेत्र में जमकर आलोचना हो रही है ।
हमारे छपारा संवाददाता के अनुसार जनपद पंचायत कार्यालय में जनपद अध्यक्ष,उपाध्यक्ष के बैठने लिए कुछ महीने पहले दो आलीशान कुर्सियां खरीदी गई थी, जिस पर हमेशा बैठकर वह ग्रामीणों की समस्या सुना करते थे किंतु मंगलवार को इन कुर्सियों को दुकानदार इस लिये उठाकर ले गया कि उसे इनका अभी तक भुगतान प्राप्त नहीं हुआ र्। दरअसल हुआ यह कि जिन कुर्सियों को चार महीना पहले खरीदा गया था उनका भुगतान दुकानदार को नहीं किया गया था जिसके चलते दुकानदार ने उन कुर्सियों को जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के कक्ष से उठाकर वापस दुकान ले जा लिया गया। बताया जा रहा है कि यह कुर्सियां उस समय खरीदी गई थी जब जनपद पंचायत के सीईओ लोकेश नारनोरे पदस्थ थे जिन्हें एक मामले पर निलंबित कर दिया गया था, इसके बाद छपारा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के तौर पर सुमन खातनकर को प्रभारी सीईओ बनाया गया है । सीईओ खातकर दुकानदार को केवल इसलिये भुगतान नहीं कर रही थी कि यह कुर्सियाँ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के कक्ष के लिये खरीदी गयी और वे जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान का व्यवहार नहीं रखती और इसी कारण केवलारी जनपद में भी हंगामा हुआ था उनका व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक नहीं रहता । छपारा का यह घटना क्रम सत्ताधारी भाजपा के लिये काफी नुकसानदायक हो सकता है ओर सरकार की छवि भी इससे धूमिल हो रही है ।
इस संबंध मे जब जनपद अध्यक्ष सदम सिंह बरकड़े से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त कुर्सीया पूर्व सीईओ के समय बुलवाई गई थी उस दौरान वह लगातार छुट्टी मे रहे और जिस वजह से भुगतान नहीं हो पाया और नवागत प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा क्यों इसका पेमेंट नहीं किया गया इस संबंध में तो वही जानकारी दे सकती है। और मै तो जमीन से जुड़ा व्यक्ति हूं मुझे किसी कुर्सी की आवश्यकता नहीं मै तो जमीन मै बैठकर भी लोगो की समस्या सुन सकता हूं चूंकि में जनता का सेवक हूं।

Dainikyashonnati

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