दिव्यांग आदिवासी महिला का मकान अतिक्रमण बताकर तोड़ा, कलेक्टर से मिला प्रतिनिधिमंडल
मेरा ही मकान क्यों तोड़ा? और भी लोगों के मकान बने हैं उसी जगह पर। अब मेरे पास रहने को कुछ नहीं है
Seoni 29 November 2025
सिवनी यशो:- ग्राम घिसी निवासी दिव्यांग आदिवासी महिला श्यामवती सिरसाम का मकान प्रशासन द्वारा अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया गया, जिसके कारण वह बेघर हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि उसी स्थान पर अन्य लोगों के भी मकान हैं, लेकिन तोड़ा केवल उसका गया। इसी अन्याय के विरोध में उसने भूख हड़ताल प्रारंभ कर दी।
उसकी स्थिति को देखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और श्यामवती सिरसाम के लिए भूमि का पट्टा एवं पुनर्निर्माण सहायता प्रदान करने की मांग की।
🗣️ प्रतिनिधिमंडल की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से निवेदन किया कि —
“श्यामवती सिरसाम दिव्यांग एवं आदिवासी वर्ग से होने के कारण विशेष संरक्षण की पात्र है। दिव्यांग आदिवासी महिला मकान तोड़े जाने से वह बेघर हो गई है। अतः उसे पट्टा प्रदान कर पुनः आवास उपलब्ध कराया जाए।”
प्रतिनिधिमंडल में कामरेड ओमप्रकाश बोर्ड (सचिव), डीडी वासनिक, तीरथ प्रसाद गजभिए, सावित्री मर्सकोले, डॉ. बी.सी.यू., राहुल कुमार, यीशु प्रकाश, रंजीता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
🏛️ प्रशासन का रुख
कलेक्टर महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनते हुए आश्वासन दिया कि —
“दिव्यांग महिला की स्थिति सहानुभूति से विचार योग्य है। नियमानुसार यथासंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
उन्होंने महिला की भूख हड़ताल समाप्त कराने और पुनर्वास प्रक्रिया पर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
🙋 श्यामवती सिरसाम की पीड़ा
महिला ने कहा —
“मेरा ही मकान क्यों तोड़ा? और भी लोगों के मकान बने हैं उसी जगह पर। अब मेरे पास रहने को कुछ नहीं है।”
🔸 सामाजिक न्याय और संवेदनशील प्रशासन की एक मिसाल बनने की उम्मीद
दिव्यांग आदिवासी महिला मकान तोड़ा – यह मामला प्रशासन की संवेदनशीलता,
सामाजिक न्याय और गरीब आदिवासी वर्ग के संरक्षण की कसौटी बन सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आशा जताई है कि-
जिला प्रशासन जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर श्यामवती सिरसाम की सहायता करेगा।



