पेंच से रामगढ़ तक बाघिन ट्रांसलोकेशन मिशन तेज, दो दिनों से जारी खोज अभियान
दूसरे दिन सुबह लगे कैमरा ट्रैप स्टेशनों में मादा बाघिन की उपस्थिति की पुष्टि
Seoni 29 November 2025
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी) में एक मादा बाघिन को सुरक्षित स्थानांतरित करने के लिए ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। यह अभियान मध्यप्रदेश और राजस्थान की संयुक्त वन्यजीव टीमों द्वारा बाघ संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
📌 28 नवंबर 2025 को शुरू हुई खोज एवं निगरानी प्रक्रिया:
सुबह 6:00 बजे ऑपरेशन की औपचारिक शुरुआत की गई।
सबसे पहले कैमरा ट्रैप स्टेशनों में बाघिन की गतिविधि की जांच की गई,
जिसमें कोई नई उपस्थिति दर्ज नहीं हुई। इसके बाद पूरे क्षेत्र को 10 से 12 खोज टीमों में बांटा गया और
प्रत्येक टीम ने पगमार्क,
मूवमेंट रूट्स तथा वन क्षेत्रीय संकेतों के आधार पर बाघिन की संभावित लोकेशन तलाशना शुरू किया।

घने जंगल और कठिन रास्तों को ध्यान में रखते हुए चार हाथी दस्ते भी खोज अभियान में शामिल किए गए ताकि –
कोई भी क्षेत्र बिना जाँच के न छूटे। पूरे दिन के लगातार प्रयासों के बावजूद बाघिन का पता नहीं चल पाया।
खोज और निगरानी के इस अभियान को अगले दिन और तेजी से जारी रखने का निर्णय लिया गया।
📌 29 नवंबर 2025 को मिले सकारात्मक संकेत:
दूसरे दिन सुबह लगे कैमरा ट्रैप स्टेशनों में मादा बाघिन की उपस्थिति की पुष्टि हुई,
जिसे वन विभाग ने एक उत्साहजनक संकेत बताया।
इसके बाद खोज टीमों और हाथी दस्तों ने चिन्हित क्षेत्र में सावधानीपूर्वक गहन खोजबीन शुरू की।
दोपहर के दौरान हाथी दस्ते ने सीमित समय के लिए बाघिन को देखा,
जिससे उसकी लोकेशन और गतिशीलता की जानकारी स्पष्ट हुई।
इस आधार पर अब ट्रांसलोकेशन प्रक्रिया को और वैज्ञानिक एवं
सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, बाघिन की सुरक्षा,
स्वास्थ्य परीक्षण और tranquilization की वैज्ञानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेंच से बाघिन सुरक्षित रूप से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, बूंदी (राजस्थान) में स्थानांतरित किया जाएगा
स्रोत: पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी (म.प्र.)



