प्राचार्य की लापरवाही: जीव विज्ञान की शिक्षिका से रसायन शास्त्र पढ़वाया, छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में
चक्की खमरिया स्कूल में शिक्षा व्यवस्था का मजाक, पालकों ने कलेक्टर से जांच की माँग की
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
क्या कभी सुना है कि डॉक्टर की जगह वकील इलाज करे या इंजीनियर की जगह किसान पुल बनाए?
लेकिन सिवनी जिले के ग्राम चक्की खमरिया स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में यही हो रहा है।
आधा शैक्षणिक सत्र गुजर चुका है, फिर भी रसायन शास्त्र का विषय जीव विज्ञान की शिक्षिका से पढ़वाया जा रहा है।
पालकों का आरोप
विद्यालय के प्राचार्य किशोर कुमार यादव पर आरोप है कि वे रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के विषय में भी अंतर नहीं समझ पाए।
पालकों का कहना ह “यह शिक्षा नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”

मामला कैसे शुरू हुआ
शिक्षिका आरती सतनामी को रसायन शास्त्र पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया था,
लेकिन उनकी ड्यूटी केवलारी विकासखंड में लगने के बाद नया शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया।
खानापूर्ति के नाम पर जीव विज्ञान शिक्षिका से रसायन शास्त्र पढ़वाया गया।
मेधावी छात्रा भी बनी शिकार
इस लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण छात्रा अंकिता पाल है।
हिंदी और गणित में लगभग शत-प्रतिशत अंक लाने वाली अंकिता को रसायन शास्त्र में केवल 87 अंक ही मिले।
इस कमी ने उसे प्रादेशिक स्तर पर स्थान पाने से वंचित कर दिया।
अब सोचिए, जब मेधावी छात्रा का यह हाल हुआ तो सामान्य छात्र-छात्राओं की स्थिति कितनी खराब रही होगी।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की माँग
पालकों और नागरिकों का कहना है कि जिला कलेक्टर को तुरंत जाँच करवानी चाहिए।
सवाल यह है कि जब जिलाधीश महोदया बच्चों की बैठने की व्यवस्था सुधारने के लिए गिफ्ट अ डेस्क अभियान जैसी पहल कर रही हैं,
तो शिक्षा के असली आधार – शिक्षकों की गुणवत्ता – पर भी क्यों ध्यान नहीं दिया जा रहा?
अपेक्षा
जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से समय रहते ठोस कदम उठाने की अपेक्षा जताई है,
ताकि आने वाले समय में किसी भी छात्र-छात्रा का भविष्य बर्बाद न हो।



