जनकपुरी निर्माण के लिये आरक्षित भूमि को बेचने का कर दिया इकरार, मंदिर की जमीन पर पक्का निर्माण आस्थावानों में आक्रोश
भू- माफिया अपने निजि लाभ के लिये विवादित भूमियों और बहुत दिनों तक खाली पड़ी भूमियों को बेचने का काम तेजी से कर रहे है । भूखंडों के मालिक अपने भूखंडों पर लंबे समय तक ध्यान न दें तो भू माफिया उक्त जमीन का सौदा कर बेचने में सफल हो रहे है और मजेदार बात तो यह है कि इस प्रकार का काम करने वाले जमीन के दलाल भूमियों की पंजीकृत रजिस्ट्रिया भी कर देते है यह राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से कागजात भी तैयार कर लेते है और रजिस्टार के यहाँ भी धांधलियाँ कम नहीं हो रही है । यहाँ तक कि ऐसी जमीन खरीद कर प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी कर दिया है । जिसने जमीन बेची वह जमीन का मालिक ही नहीं हैफिर रजिस्टार आफिस से रजिस्ट्री कैसे हो गयी यह सूक्ष्म जाँच का विषय है । इसी प्रकार का एक मामला मंदिर के संबंधित जमीन का है जिस पर निर्माण कार्य के लिये नगर पालिका परिषद ने अनुमति प्रदान कर दी परंतु अब जनाक्रोश पनप रहा है तो नपा के अधिकारियों के हाथ पांव फूल रहे है ।
सिवनी यशो:- सिवनी नगर के गांधी वार्ड में स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में अवैध निर्माण कार्य होने से वार्ड के निवासियों में भारी आक्रोश का वातावरण बन रहा है । वार्डवासियों ने इस संबंध में सिवनी नगर पालिका परिषद सहित जिला कलेक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को अपनी भावनाओं से अवगत कराते हुये पुलिस कोतवाली को भी अवैध निर्माण की सूचना देते हुये बताया है कि जगन्नाथ परिसर के जिस प्लाट पर अवैध निर्माण कार्य हो रहा है वह जनकपुरी निर्माण के लिये सुरक्षित प्लाट है । इस नजूल के प्लाट को सुनील राव पवार नामक व्यक्ति द्वारा इकरारनामा के अधार पर बेचा गया है, इस प्लाट को बेचने का वह अधिकारी नहीं है यह बात सुनील पवार के परिवार के सदस्य द्वारा भी कहीं गयी है और उसके द्वारा न्यायालय तहसीदार में आपत्ति प्रस्तुत भी की गयी है । वार्ड वासियों के साथ ही स्थानीय पार्षद श्रीमती प्रभा दुबे, श्रीराम सेना, राष्ट्रीय बजरंग दल आदि ने भी सक्षम अधिकारियों को पत्र के माध्यम से आपत्ति प्रस्तुत की है ।
मंदिर परिसर की जमीन बेच दी सुनील राव ने वारसानो को भनक नहीं
बेचे गये प्लाट के 47 वारसान है जिसमें से एक सुनील पवार है जिसने पूर्व से जनकपुरी निर्माण के लिये आरक्षित नजूल भूमि प्लाट नंबर 35 को इकरार नामा लिखकर बेच दिया है । बेचे गये प्लाट में अन्य 46 बारसानों की सहमति नहीं है । इन 46 वारसानों में से एक पवन राव पवार नामक व्यक्ति ने न्यायालय तहसीलदार के यहाँ आपत्ति प्रस्तुत करते हुये अपना पक्ष रखा है कि गांधी वार्ड स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में स्थित नजूल ब्लाँक नंबर 35 प्लाट नंबर 1/2 एवं 3/1 की भूमि पर संयुक्त रूप से भू स्वामी के रूप में सुनील राव का नाम दर्ज है उक्त भूमि में कुल 47 लोगो के नाम पर स्वामित्व दर्ज है । मंदिर का संचालन सुनीलराव करता है परंतु जो प्लाट सुनील राव पवार ने बेचने का सौदा किया है वह 47 वारसानों के नाम दर्ज है परंतु यह भूमि जगन्नाथ परिसर में प्रस्तावित जनकपुरी निर्माण के लिये प्रस्तावित है इसका अन्य कार्य या बेचने का अधिकार किसी को नहीं है आपत्तिकत्र्ता पवन पवार ने न्यायालय तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत आपत्ति में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि जिस नजूल भूमि को बेचने का बेचने का सौदा सुनील राव पवार द्वारा किया गया है वह भूमि हमारे वारसानो ने जनकपुरी निर्माण के लिये प्रस्तावित की थी इसे बेचने से मंदिर परिसर में अव्यवस्थाएँ फैलेंगी और जनाक्रोश भी भड़क सकता है आपत्तिकत्र्ता पवन राव ने निर्माण कार्य को तत्काल रोकने का निवेदन भी किया है और कहा है कि मंदिर परिसर की भूमि बेचने के लिये सुनील राव जो इकरारनामा लिखा है उससे मैं सहमत नहीं हूँ यह भूमि मंदिर की है निजि स्वामित्व की भूमि नहीं है ।
वार्ड पार्षद ने जनभावनाओं को देखते हुये पत्र लिखा कलेक्टर को
मंदिर परिसर की भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर सुभाष वार्ड की पार्षद श्रीमती प्रभा दुबे ने भी सिवनी जिला कलेक्टर के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत की है और उन्होंने लिखा है कि जगन्नाथ मंदिर गांधी वार्ड सिवनी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत है इसका संचालन सुनील राव पवार करता है । सुनील राव पवार द्वारा अनाधिकृत रूप से जगन्नाथ मंदिर परिसर की वह भूमि बेचने का इकरार नामा लिखा है जिस पर जनकपुरी निर्माण प्रस्तावित है इस भूमि को निजि हित के लिये विक्रय नहीं किया जा सकता परंतु सुनील राव पवार इस भूमि को बेचने के लिये इकरार नामा लिख चुका है और इस भूमि पर निर्माण कार्य भी चल रहा है । श्रीमती पभा दुबे ने जिला कलेक्टर को दिये अवेदन में उल्लेख किया है कि सुनीलराव ने जिस व्यक्ति को अनाधिकृत रूप से भूमि बेचने का इकरारनामा लिखा है वह दूसरे धर्म से संबंधित है जमीन के अधिकार को लेकर यदि तनाव बढ़ा तो शांतिपूर्ण माहौल में जहर घुल सकता है । श्रीमती दुबे ने भी परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रूकवाने की मांग की है ।
राष्ट्रीय बजरंगदल और श्रीराम सेना ने लगायी आपत्ति
यहाँ बता दें कि मंदिर परिसर की उक्त भूमि को इकरारनामा लिखकर सौदा किये जाने की खबर के बाद राष्ट्रीय बजरंग दल ने पिछले वर्ष के अगस्त माह में थाना प्रभारी के यहाँ लिखित आवेदन देकर आपत्ति प्रस्तुत की थी और वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया था जिसमें कहा गया था कि मंदिर परिसर की भूमि को अनैतिक तरीके से बेचने का षडयंत्र चल रहा है और बैल्डिंग की दुकान चलायी जा रही है । बजरंग दल के जिलाध्यक्ष ने मांग की थी की उक्त भूमि से अतिक्रमण हटाया जाये परंतु थाना कोतवाली ने ध्यान नहीं दिया और इस भूमि को बेचने के लिये इकरार नामा लिख दिया गया है ।
विरोध के बावजूद क्रेता ने कर लिया निर्माण
वार्ड सहित अन्य क्षेत्रों के सनातनियों की धार्मिक भावनाएँ इस मंदिर से जुड़ी हुई है यहाँ की भूमि के अनैतिक विक्रय को रोकने के लिये श्रीराम सेना ने भी अनुविभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर मंदिर परिसर में हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को रोकने की मांग की है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जगन्नाथ मंदिर परिसर में जनकपुरी निर्माण के लिये आरक्षित भूमि को इकरारनामा में बेचने के लिये किये गये सौदे के आधार पर के्रता ने भूमि पर निर्माण कार्य को अंजाम दे रहा है सिवनी नगर पालिका ने इसकी अनुमति भी प्रदान की और अनेक आपत्तियों के बावजूद निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है परंतु अभी तक अनुमति निरस्त की गयी, केवल मौखिक तौर पर वार्डवासियों के बताया जा रहा है कि अनुमति निरस्त कर दी गयी है मंदिर परिसर में हुये अवैध निर्माण से वार्डवासियों सहित सनातन समाज में भारी आक्रोश बताया जा रहा है । वार्ड के निवासी इस अवैध को तत्काल हटाने की मांग कर रहे है ।





