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श्रीमद् भगवद् गीता के ज्ञान से सच्चिदानंद की प्राप्ति होती है – निर्विकल्प स्वरूप

सिवनी यशो:- श्रीगीता भगवान की वाणी है ,जो मनुष्य के अवसाद को प्रसाद बना देती है। गीता में उद घोषित निष्काम कर्म पालन करने से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण संभव है । उक्त आशय के प्रेरक प्रवचन, ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती जी महाराज* के कृपा-पात्र शिष्य गीता मनीषी पूज्य ब्रह्मचारी निर्विकल्प स्वरूप जी के मुखारविंद से, श्रीमद् भगवत गीता जयंती उत्सव के प्रथम दिवस पर प्रवाहित हुए।

 

ज्ञातव्य है कि गीता पराभक्ति मंडल सिवनी के तश्रीमद् भगवद् गीता के ज्ञान से सच्चिदानंद की प्राप्ति होती है - निर्विकल्प स्वरूप - Seoni Newsत्वावधान में पिछले अनेक वर्षों से गीता जयंती के उपलक्ष में सत्संग महोत्सव आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 18 दिसंबर से 24 दिसंबर तक बाहुवली चौक स्मृति लॉन में सप्त दिवसीय गीता जयंती सत्संग आयोजित है। पहले दिन ,संयोजिकाश्रीमती ममता- श्रीराम बघेल जी के निवास भैरोगंज से, पू.ब्रह्मचारी जी के पावन सानिध्य में, शोभायात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में गीता पराभक्ति मंडल के सैकड़ों दायित्ववान नर- नारी एवं श्रद्धालु जन शामिल हुए ।
भव्य शोभायात्रा प्रवचन स्थल, स्मृति लान पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हुई ।
प्रथम दिवस की प्रवचन माला में पूज्य ब्रहमचारी जी ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, शिव की नगरी सिवनी, गुरुरत्न और गंगा की प्राकट्य भूमि है। यहां गोविंद की गीता श्रवण का आयोजन पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से गीता पराभक्ति मंडल द्वारा, पिछले अनेक वर्षों से हो रहा है।
प्रवचन माला को आगे बढ़ाते हुए ब्रहमचारी जी ने कहा कि 5000 साल पहले महाभारत के भीष्म पर्व में श्रीकृष्ण अर्जुन- संवाद मैं चर्चा विग्रह के रूप में श्रीगीता महारानी, भगवान के मुख से प्रकट हुई ।
आप श्री ने गीता महात्म का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि, जो मनुष्य प्रतिदिन गीता का पाठ करता है, वह परम पद को प्राप्त होता है। गीता के ज्ञान से मनुष्य के शोक , मोह और भय दूर हो जाते हैं। गीता का ज्ञान संपूर्ण मानवता के लिए आज भी प्रासंगिक है । गीता में उदघोषित निष्काम कर्म के पालन से, भ्रष्टाचार रूपी बुराई पर नियंत्रण संभव है।
गीता पराभक्ति मंडल सिवनी अध्यक्ष -आचार्य पंडित सनत कुमार उपाध्याय जी ने कार्यक्रम की रुपरेखा का उल्लेख करते हुए बताया कि, सप्त दिवसीय गीता सत्संग में, गीता के छटवे अध्याय *आत्म संयम योग* के 47श्लोको का पू.ब्रहमचारी जी महाराज विस्तृत आध्यात्मिक निरुपण करेंगे। प्रवचन स्थल में प्रतिदिन शाम 3:00 बजे से गीता के तीन अध्याय का सामूहिक पाठ किया जाएगा । गीता पाठ के पश्चात प्रतिदिन 3:30 बजे से 5:30 बजे तक ब्रहमचारी जी के मुखारविंद से प्रवाहित प्रवचन श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त होगा ।
आपने जानकारी दिया कि, आगामी 6 दिनों तक , जिज्ञासु श्रद्धालुजन, कृपया प्रतिदिन प्रात:11:00 बजे से 12:00 बजे तक, ब्रह्मचारी जी के दर्शन हेतु श्रीराम बघेल निवास भैरोगंज पहुचेंगे।
प्रथम दिवस पर प्रवचन पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रध्दालु नर -नारी, गणमान्य नागरिकों ने प्रवचन श्रवण का लाभ अर्जित किया । गीता सत्संग में आप सभी श्रद्धालु सादर आमंत्रित है।

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