आदिवासी परिवारों के वनमित्र दावे वर्षों से लंबित, एकता परिषद ने उठाई आवाज
Seoni 20 June 2025
सिवनी यशो:- लखनादौन तहसील के सैकड़ों आदिवासी परिवार जो वर्षों से वनभूमि पर काबिज हैं, आज भी अपने अधिकार पत्र (पट्टे) की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्ष 2019-20 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा आरंभ वनमित्र पोर्टल पर उन्होंने अपने दावे तो दर्ज किए, लेकिन आज तक किसी को भी स्वीकृति अथवा अस्वीकृति की कोई सूचना नहीं मिली है।
इस गंभीर मुद्दे को लेकर एकता परिषद, जिला सिवनी इकाई ने पुन: प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लखनादौन को ज्ञापन सौंपा है। परिषद ने मांग की है कि लखनादौन के जिन 25 ग्रामों के 390 से अधिक आदिवासी परिवारों ने वर्ष 2013 में भी व्यक्तिगत वनाधिकार के लिए आवेदन दिए थे, उनकी जांच कर पात्र लोगों को अधिकार पत्र दिए जाएं।
वर्षों की अनसुनी आवाज
एकता परिषद के अनुसार, 22 अप्रैल 2013 को धूमा से लखनादौन तक पैदल यात्रा कर वनभूमि दावों की ज्ञापन फाइल प्रशासन को सौंपी गई थी। इसके बाद भी न तो स्थायी समाधान हुआ, न ही वनमित्र पोर्टल पर दर्ज दावों पर कोई कार्रवाई। उल्टा, इन दावेदारों को वन विभाग की ओर से बार-बार नोटिस भेजकर मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है।
अब भी वनमित्र पोर्टल से बाहर है सिवनी
परिषद का कहना है कि आज भी सिवनी जिला वनमित्र पोर्टल पर सूचीबद्ध नहीं है, जिससे अब भी सैकड़ों पात्र आदिवासी परिवार आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। परिषद ने मांग की है कि सिवनी को पोर्टल पर शीघ्र शामिल किया जाए और वनाधिकार अधिनियम 2006-07 के तहत प्रस्तुत सभी वैध दावों की जांच कर पात्रों को पट्टे प्रदान किए जाएं।
इन गांवों में है सबसे अधिक प्रभावित परिवार
जुगरई माल, देवरी, झपनी, बखारी, नागटोरिया, जारी, किले माल बघा, गाडर, घाघरा कछार, मड़वा माल, रथैत्त, मोहगांव, पटटी, सिल्पनी जैसे ग्रामों के परिवार आज भी अनिश्चितता, भय और अधिकारविहीनता की स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं।
परिषद की अपील
एकता परिषद ने साफ कहा है कि यदि इन दावों की शीघ्र जांच नहीं की गई और पात्र लोगों को अधिकार नहीं दिए गए, तो वंचित समुदायों में असंतोष और असुरक्षा की भावना गहराएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर जिलास्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित करने और वनमित्र पोर्टल की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
2013 से लंबित हैं 390 से अधिक वनभूमि दावे
वनमित्र पोर्टल पर आवेदन तो दर्ज हुए, पर कोई कार्यवाही नहीं
सिवनी जिला अभी तक पोर्टल में शामिल नहीं
एकता परिषद ने दिया ज्ञापन, शीघ्र समाधान की मांग



