मंडलामध्यप्रदेश

आजादी के करीब 80 साल बाद भी नहीं बना पुल, आदिवासी ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान

गुरेरा माल और गुरेरा रैयत के ग्रामीणों में आक्रोश, बारिश में चार माह तक धनई नदी के कारण आवागमन रहता है बाधित; बोले- पुल नहीं तो वोट नहीं

सिवनी में आदिवासी ग्रामीणों का ऐलान, पुल नहीं बना तो करेंगे चुनाव का बहिष्कार

Seoni, 03 September 2026
केवलारी/सिवनी यशो:- जनपद पंचायत केवलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत बनाधर के अधीन वनांचल क्षेत्र में आने वाले आदिवासी ग्राम गुरेरा माल और गुरेरा रैयत के ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं होने से नाराज होकर आगामी विधानसभा, लोकसभा और ग्राम पंचायत सहित सभी चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है।

 ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी पांडिया छपारा से दोनों गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित धनई नदी पर पुल का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश के दिनों में करीब चार माह तक नदी के कारण आवागमन प्रभावित रहता है और दोनों गांवों के लोग मुख्यधारा से कट जाते हैं।

बारिश में चार माह तक थम जाता है आवागमन

ग्रामीणों के अनुसार पांडिया छपारा से गुरेरा माल और गुरेरा रैयत जाने वाले मार्ग के बीच धनई नदी पड़ती है। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार ग्रामीणों और विद्यार्थियों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।

इसका सबसे अधिक असर स्कूली विद्यार्थियों, मरीजों, बुजुर्गों और किसानों पर पड़ता है। हायर सेकेंडरी स्कूल पांडिया छपारा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बारिश के मौसम में स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है। वहीं उपचार, खाद-बीज, राशन, हाट-बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को जोखिम उठाना पड़ता है।

जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी

ग्रामीणों का कहना है कि धनई नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद कई बार जरूरी काम के लिए लोगों को नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक आवेदन और निवेदन किए गए, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

पर्यटन स्थल होने के बावजूद नहीं हुआ पुल का निर्माण

ग्रामीणों ने बताया कि इसी क्षेत्र में दूटी बांध जलाशय भी स्थित है, जिसका निर्माण अंग्रेजों के समय हुआ था। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़े मेले आयोजित होते हैं, जिनमें सिवनी के अलावा बालाघाट और मंडला सहित आसपास के जिलों से भी लोग पहुंचते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पर्यटन की संभावनाओं वाले इस क्षेत्र में भी बेहतर सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है।

बोले- पुल निर्माण नहीं हुआ तो वोट नहीं देंगे

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद यदि अब भी धनई नदी पर पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक रजनीश सिंह ठाकुर और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते से हस्तक्षेप कर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय आश्वासन देने के बजाय अब समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि “पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठे तो चुनाव बहिष्कार हमारी मजबूरी होगी।”

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस घोषणा के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस वर्षों पुरानी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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