सरकारी स्कूलों की साख बढ़ाने का फार्मूला बता गए ग्रामीण
किंदरई स्कूल में जनप्रतिनिधियों का औचक निरीक्षण, अधिकांश शिक्षक मिले नदारद; प्रभारी प्राचार्य को फोन कर बुलाना पड़ा
किंदरई स्कूल निरीक्षण – जनप्रतिनिधियों का छापा, अधिकांश शिक्षक मिले अनुपस्थित
घंसौर/सिवनी यशो :- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किंदरई में शिक्षकों की लगातार अनुपस्थिति और अव्यवस्थाओं की शिकायतों के बाद जनप्रतिनिधियों ने औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अधिकांश शिक्षक अनुपस्थित मिले, जबकि केवल तीन शिक्षक ही उपस्थित पाए गए। स्थिति ऐसी रही कि प्रभारी प्राचार्य को मोबाइल फोन के माध्यम से सूचना देकर तत्काल विद्यालय बुलाना पड़ा।
निरीक्षण में जनपद पंचायत घंसौर की अध्यक्ष श्रीमती सरिता परशराम उइके, जनपद शिक्षा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र नामदेव, जनपद सदस्य श्रीमती संगीता भलावी, सरपंच प्रतिनिधि डब्बल सिंह, राधेश्याम करयाम, लाली प्रसाद यादव, संतूलाल यादव, नंदकिशोर उइके सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिकायतों पर पहुंची टीम, खुली व्यवस्थाओं की पोल
ग्रामीणों का कहना था कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की अनुपस्थिति और नियमित पढ़ाई नहीं होने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां अधिकांश शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की उपस्थिति पंजी, शिक्षण व्यवस्था और अन्य अभिलेखों का भी अवलोकन किया गया।
विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचेंगे तो इसका सीधा नुकसान विद्यार्थियों के भविष्य को होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कार्रवाई की अनुशंसा
निरीक्षण के बाद जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेजकर अनुपस्थित शिक्षकों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी ऐसी स्थिति दोहराई गई तो और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों की साख तभी बढ़ेगी, जब शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
नोट: यह समाचार जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा किए गए निरीक्षण एवं उनके दावों पर आधारित है। संबंधित शिक्षा विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



