जो खुद अशांति के गुर्गे हैं, वह क्या जानेंगे शांति स्थापना के लिए मौत स्वीकारना – खुराना
जिला कांग्रेस कमेटी ने मनायी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि
21 May 2025
सिवनी यशो :- संचार क्रांति के जनक, युवाओं के प्रणेता, भारत रत्न, देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार खुराना की उपस्थिति में इंदिरा भवन, कार्यालय जिला कॉग्रेस कमेटी सिवनी में मनायी गई, स्व. राजीव जी के छायाचित्र पर गिडियन टी सिंह ने माल्यार्पण किया एवं जिला पंचायत सदस्य तेजसिंह रघुवंशी ने दीप प्रज्जवलित किया। तत्तपश्चात उपस्थित कॉग्रेस जनों ने पुष्प अर्पीत कर श्रन्द्धांजलि दी एवं राजीव गांधी जी का राष्ट्र को समर्पित योगदान को स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने कहा कि कपड़े गवाह हैं कि उनकी सांस देश की मिट्टी की सुगंध बनाए रखने के लिए छीन ली गईं थीं । कपड़े उस युवा प्रधानमंत्री के हैं । जिसने वोट देने की आयु 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी । यह जूते उनके हैं, जिसने पंचायती राज व्यवस्था स्थापित की, यह मोज़े उनके हैं, जिन्होंने शांति के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, हर शांति के सिपाही के कपड़े ही बचते हैं, शरीर तो शांति के रास्ते मे कुर्बान होने के लिए होता है ।
राजीव गाँधी हमारा गर्व हैं, उनकी शहादत को सलाम और नमन
राजीव की शहादत का मोल वह तंग दिल लोग महसूस ही नही कर सकते जिनकी एक उंगली भी देश के लिए शहीद नही हुई है । वह क्या जानेंगे शांति स्थापना के लिए मौत स्वीकारना, जो खुद अशांति के गुर्गे हैं । मक्खी सिफ़त लोग राजीव की गलतियों पर बैठेंगे और इंसानी सिफ़त लोग राजीव की अच्छाइयों और बलिदान को स्वीकारेंगे । जगह जगह बिखरी ट्रोल भीड़, जिसे यह ही नही पता कि उसके घर की ईंट किसने रखी, उसके घर मे लहलहाती फसल कैसे बढ़ी, जिस कम्प्यूटर पर वह गालियाँ बक बक कर खुश हो रहें, उसको लाने वाला कौन है, ऐसी कमअक्ल भीड़ पर सिर्फ तरस खाया जा सकता है । जिसको ईश्वर ने बुद्धि दी है, जिसकी आँखे, दिमाग और ज़ुबान में ईश्वर ने सम्बन्ध दिए हैं, जो किसी वाट्सएप मैसेज या गिरोह के सोशल मीडिया फॉरवर्ड से खुद को नही हाँकता, जो केवल डिग्री लादे गधा नही बल्कि वास्तव में पढ़ा लिखा है, वह जानता है कि उसके देश मे किस किस पर गर्व करना चाहिए, जिसे दुनिया सम्मान दे,वह भी उसकी मौत के बाद, वह भी बिना किसी पीआर एजेंसी के इस्तेमाल किये, वह ही हमारे भारत का गर्व हैं, राजीव गाँधी हमारा गर्व हैं, उनकी शहादत को सलाम और नमन ।
उनके कार्यकाल के बुरे फैसलों पर बात तो उठनी ही चाहिए मगर जो बेहतर किया है, उसे भुला देना धूर्तता होगी
राजीव गाँधी के केवल एक कार्यकाल की अनेक उपलब्धियों को क्या ही लिखें,जिन्होंने भी पढ़ा या इर्द गिर्द अपनी आँखों से देखा होगा, वह जानते ही होंगे ।राजीव की आलोचना होनी चाहिए मगर उस आलोचना में व्यक्तिगत खुन्नस या घृणा नही हो, उनके कार्यकाल के बुरे फैसलों पर बात तो उठनी ही चाहिए मगर जो बेहतर किया है, उसे भुला देना धूर्तता होगी।
बस राजीव की वही एक गलती थी, जो राहुल में भी है और प्रियंका में भी है, भरोसा । जिसको भी साथ लिया,उसपर टूटकर भरोसा किया और उसने पलक झपकते ही पीठ में खंजर उतार दिया । इनके घर की चौखट पर बेधड़क घुस जाने वाले लोगों ने ही इनके पाँव के नीचे की ज़मीन दरकाई है, यह बात यह सब जानते हैं मगर इन्हें अच्छाई पर भी भरोसा है कि यह लालची लोग उनके किरदार को गिरा नही पाएँगे ।
राजीव के इर्द गिर्द के लोग जनाधार की जगह चापलूसी और चालाकी में थे,राहुल प्रिंयका को इनसे आज बचना होगा
राजीव से राहुल गांधी तक हर एक का दिल बेहद इंसानी है, इसकी क़ीमत इन्हें हर दौर में चुकानी होगी । धोखेबाज़ आते जाते रहेंगे,यह एक बड़ी नदी की तरह बहते रहेंगे । राजीव के इर्द गिर्द के लोग जनाधार की जगह चापलूसी और चालाकी में थे,राहुल प्रिंयका को इनसे आज बचना होगा । जो राजीव के मन को बदलवाते थे,वही धूर्त थे,राहुल प्रियंका को नजऱ तेज़ करनी होगी ।
राजीव अपना काम करके चले गए, अपने मकसद को मर मिटे
राजीव अपना काम करके चले गए । अपने मकसद को मर मिटे । अब नही हैं हमारे बीच,अब हमारी बारी है । हम उन्हें इज़्ज़त से याद करेंगे तो यह हमारी अच्छाई है, बुरा ही बुरा कहेंगे,तो यह हमारी बुराई है । राजीव भारत माता के सच्चे पुत्र साबित हो चुके हैं और अब कुछ भी साबित होने को नही रह गया है, जिसे जो जी चाहे वह कहे,जिसके दामन में फूल हैं, वह फूल बरसाए,जिसके दामन में कीचड़ है, वह कीचड़ ही उछाले, शहीद राजीव पर इन दोनों से फर्क नही पड़ता, राजीव गांधी जी भारत की आने वाली युवा पीडि़ एवं देश की आम जनता के लिए अनेक स्थायी योजना संचालित करके जा चुके, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम में विष्णु करोसिया, घनश्याम सनोडिया, अतुलचंद मालू, श्रीमती गीता रणधीर सिंह ठाकुर, गेंदलाल भलावी, धु्रवनाराण चौधरी, ब्रजभूषण सिंह बघेल, श्रीमी ललिता बघेल, श्रीमती आसमा भलावी, कैलाश अवधिया, राजिक अकील, राजेश मानाठाकुर, विनोद नामदेव, सुमित मिश्रा, धनंजयसिंह,नन्दू यादव, सतेन्द्र बघेल, दीपांशु रघुवंशी, नवनीत सिंह बघेल, कमलेश कुमार, जयप्रकाश यादव, मानल कुमार राउत, प्रियांशु उइके, महिमा कुमरे, पृथ्वीराज भलावी की उपस्थिति रही।



