Seoni 02 September 2025
छपारा यशो:- सिवनी जिले के किंदरई थाना अंतर्गत बरेली गांव में एक 14 वर्षीय बालक की सर्पदंश से मौत हो गई। परिजन उसे सांप के काटने के बाद स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बजाय पहले झाड़-फूंक कराने ले गए, जिससे इलाज में देरी हुई और बालक की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना का विवरण
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मृतक की पहचान संजय परते (14 वर्ष) पुत्र अजय, निवासी थाना घंसौर के रूप में हुई।
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संजय 2 सितंबर को खेत में घास काटने गया था, तभी एक जहरीले सांप ने उसके हाथ पर काट लिया।
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परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़-फूंक कराने ले गए।
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इलाज का गोल्डन आवर निकल गया।
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बाद में जब उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा लाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
संजय अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और नाना-नानी के पास रहकर नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर करती है।
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विषरोधी टीके (Anti-Venom) उपलब्ध होने के बावजूद, कई ग्रामीण अब भी झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं।
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जानकारों के अनुसार, सर्पदंश का एकमात्र प्रभावी इलाज एंटी-वेनम इंजेक्शन है।
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जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
छपारा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया और मामले की जांच शुरू कर दी हैं।
चिकित्सा विभाग विभाग द्वारा सर्पदंश से बचाव के लिए अनेक एडवाइजरी भी जारी की जाती है ।
जिसमें तत्काल करने योग्य सुरक्षा सुझाव और चिकित्साल ले जाने सलाह के साथ झाड़ फूंक से दूर रहने की सलाह भी दी जाती है।
इन सबके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़ फूंक बंद नहीं हो रही है। जिसके दुष्प्रभाव मौत के रूप में सामने आते ह
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