मध्यप्रदेशमंडला

जहरीले धुएं का कहर: सांसें घुटीं, नियम ताक पर; जन-स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़

बिछिया-घुटास मार्ग पर डामर प्लांट से फैल रहा प्रदूषण, हर्राभाट के ग्रामीणों में आक्रोश

मंडला यशो :-  विकास के नाम पर ग्रामीणों के स्वास्थ्य से गंभीर खिलवाड़ का मामला सामने आया है। बिछिया से घुटास रोड पर स्थित हर्राभाट पंचायत में संचालित डामर प्लांट (Hot Mix Plant) अब स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुएं और धूल के कणों ने पूरे क्षेत्र की हवा को प्रदूषित कर दिया है, जिससे लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।

बिछिया डामर प्लांट से निकलता जहरीला धुआं
बिछिया-घुटास रोड पर डामर प्लांट से फैलता प्रदूषण, ग्रामीण परेशान

जहरीले धुएं से बिगड़े हालात, घर में रहना भी मुश्किल

ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला काला धुआं और तेज रासायनिक गंध सीधे घरों तक पहुंच रही है। स्थिति यह है कि लोग बाहर बैठना, खाना बनाना और कपड़े सुखाना तक मुश्किल महसूस कर रहे हैं।

अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों का बढ़ा खतरा

  • बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत
  • लगातार खांसी और सीने में जलन की शिकायत
  • आंखों में जलन और त्वचा रोग का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, डामर प्लांट से निकलने वाली गैसें जैसे सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड सीधे फेफड़ों को प्रभावित करती हैं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

नियमों की अनदेखी का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्लांट आबादी क्षेत्र और कृषि भूमि के बेहद करीब संचालित किया जा रहा है। नियमानुसार ऐसे प्रदूषणकारी संयंत्रों को रिहायशी इलाकों से दूर स्थापित किया जाना चाहिए और इनमें उच्च गुणवत्ता वाले फिल्टर एवं डस्ट कलेक्टर अनिवार्य होते हैं, लेकिन यहां इन नियमों की अनदेखी की जा रही है।

“हम अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। धुएं के कारण बाहर बैठना और कपड़े सुखाना भी मुश्किल हो गया है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हर घर में बीमारी फैल जाएगी।”

— एक व्यथित ग्रामीण

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

हर्राभाट पंचायत के निवासियों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि:

  1. डामर प्लांट की तत्काल जांच की जाए
  2. क्षेत्र की वायु गुणवत्ता (Air Quality) मापी जाए
  3. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्लांट को बंद या स्थानांतरित किया जाए

अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है या ग्रामीणों को यूं ही जहरीली हवा में जीने को मजबूर रहना पड़ेगा।

Dainikyashonnati

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