मिली जानकारी के अनुसार, प्रेमसिंग उईके (पिता सोमनाथ उईके, 22 वर्ष) बुधवार दोपहर करीब 3 बजे गांव से आधा किलोमीटर दूर मवेशियों के लिए घास काट रहे थे. इसी दौरान एक सांप ने उनके हाथ की उंगली पर काट लिया. प्रेमसिंग तुरंत घर पहुंचे और घटना की जानकारी दी.
दुर्भाग्यवश, परिजनों ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बजाय झाड़-फूंक करवाना शुरू कर दिया. जब युवक की हालत बिगडऩे लगी, तो उसे देर शाम छपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
गुरुवार, 17 जुलाई की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है, और मृतक के परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद थे, जहां महिलाओं की चीख-पुकार से गमगीन माहौल बना रहा.
यह घटना एक बार फिर इस बात पर जोर देती है कि सर्पदंश के मामलों में तुरंत डॉक्टरी सहायता लेना कितना महत्वपूर्ण है और झाड़-फूंक जैसे अवैज्ञानिक तरीकों से बचना चाहिए.