
विश्व के आदिकाल से ही मातृशक्तियाँ मानव की सृजनकार है मानव सभ्ताये संस्कारो की भी सृजनकार रही है। मातृशक्तियाँ ही गुण विशेषताऐ, प्रेम, शांति, करुणा, दया, रहम आदि की मानव समाज-सभ्यताओ की प्रथम दाता रही है। दुनिया की इन्ही आधी आवादी ने अपनी विभिन्न भूमिकाओ के माध्यम से सारे विश्व को अपने मातृत्व, प्रेम, दुलार, लाड से भरपूर किया है। उक्त उद्गार बह्माकुमारीज की जिला प्रमुख ज्योति दीदी जी ने अपनी विज्ञप्ति मे व्यक्त किये है। आगे आपने बताया कि मातृशक्तियो का मानवता के प्रति किये गये इन्ही महानतम कार्यो को सम्मानित करने के निमित्त सयुक्त राष्टर्् संघ ने मार्च माह मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया है। इसी तारतम्य मे ब्रह्माकुमारीज् के लोनिया रोड सिवनी स्थित शांति शिखर परिसर मे दिनांक 5 मार्च दिन रविवार दोपहर 2 बजे से ” खुशहाल महिला, खुशहाल परिवार” विषय मे कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आगे ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी ने कार्यक्रम के प्रति अपने विचार व्यक्त व्यक्त करते हुये बताया कि संसार की आधी आवादी की सहनशीलता, दया, करुणा से भरपूर महिलाये ही परिवार की धुरी व आधार है। यदि घर की महिलाये खुशहाल है तो पूरा परिवार खुशहाल होता है। यदि घर मे महिला बीमार भी पड जाये तो घर की व्यवस्था चरमरा जाती है, अव्यवस्था हर क्रिया कलाप पर हावी हो जाती है। निश्चित रूप से घर-परिवार के हर छोटे- बडे क्रिया कलापो का आधार महिलाये ही है।
आगे ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी ने बताया कि महिलाओ के मानवता के प्रति इन्ही उपकारो के कारण महिलाओ को तनाव, दर्द, चिंता, उदासी, परेशानी, अत्याचार शोषण से भी रूबरू होना होता है। मातृशक्तियो के इन्ही अद्भुत विलक्षण व्यक्तित्व का स्मरण करने व सम्मानित करने के उद्देश्य से उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। दीदी जी ने कार्यक्रम मे समय पूर्व पधारकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील सर्व नगर एवम ग्रामवसियो से की है।





