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मध्यप्रदेशनरसिंगपुरमंडला

28 साल पहले सरकार ने दिए पट्टे, अब उसी सरकार ने थमाए तोड़फोड़ के नोटिस!

PM आवास बनवाकर बसाए गरीबों को उजाड़ने की तैयारी, 214 परिवारों में रोष—फुटपाथ के नाम पर मकानों पर चला बुलडोजर का खतरा

नरसिंहपुर अतिक्रमण कार्रवाई

नरसिंहपुर | विशेष रिपोर्ट

नरसिंहपुर यशो:- शहर के मुशरान वार्ड में प्रशासन की कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या सरकार खुद अपने दिए अधिकारों को ही नकार सकती है?

करीब 28 साल पहले मध्यप्रदेश शासन द्वारा सांकल रोड के दोनों ओर गरीब परिवारों को जमीन के पट्टे दिए गए थे। समय के साथ इन्हीं परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला और उन्होंने अपने आशियाने खड़े किए।
लेकिन अब वही प्रशासन इन मकानों को “अतिक्रमण” बताकर हटाने की तैयारी में है।

नरसिंहपुर अतिक्रमण कार्रवाई - 28 साल पहले सरकार ने दिए पट्टे, अब उसी सरकार ने थमाए तोड़फोड़ के नोटिस!

214 परिवारों पर संकट, नोटिस से मचा हड़कंप

लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 214 परिवारों को नोटिस जारी कर कहा है कि वे अपने मकानों के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें।
बुधवार को अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 5 फीट से लेकर 30 फीट तक की नापजोख शुरू कर दी, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया

8 साल से अधूरी सड़क, अब फुटपाथ के नाम पर कार्रवाई

स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
सांकल रोड का निर्माण पिछले 8 वर्षों से अधूरा पड़ा था
ठेकेदार पर प्रशासन की “मेहरबानी” बनी रही
लेकिन अब जब सड़क पूरी हुई, तो फुटपाथ निर्माण के नाम पर गरीबों के मकानों पर नजर डाली जा रही है

पहले मांगे दस्तावेज, फिर सीधे अतिक्रमण का ठप्पा

नोटिस में निवासियों से कहा गया कि वे अपने पट्टा और अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें।
इस पर प्रभावित परिवारों ने पार्षद एवं नेता-प्रतिपक्ष इंजी. रुद्रेश तिवारी से मुलाकात की।
उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर स्पष्ट किया कि:
 “यदि फुटपाथ के लिए 5-6 फीट जमीन चाहिए, तो रहवासी देने को तैयार हैं”
यहां तक कि प्रभावितों ने लिखित सहमति भी दी।

पट्टा मानने से इंकार, विभाग बोला—“जमीन हमारी”

बुधवार को जब टीम चिन्हांकन के लिए पहुंची, तो अधिकारियों ने स्पष्ट कहा:
 “सड़क के दोनों ओर की जमीन PWD की है, पट्टा किसने दिया हमें नहीं पता”
इस बयान के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

 “फुटपाथ बनाओ, घर मत तोड़ो”—स्थानीयों की मांग

नेता-प्रतिपक्ष इंजी. रुद्रेश तिवारी ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:
28 साल से बसे लोगों को अचानक अतिक्रमणकारी कहना गलत
शासन द्वारा दिए गए पट्टों को अमान्य करना अन्यायपूर्ण
कई परिवार बैंक लोन लेकर मकान बना चुके हैं
बच्चों की पढ़ाई और रोजगार दांव पर है

 “फुटपाथ के लिए जमीन ले लें, लेकिन मकान तोड़ना न्यायसंगत नहीं”

 अधिकारियों का पक्ष

इंजी. राजेश श्रीवास्तव, SDO, PWD नरसिंहपुर का कहना है:
“PWD की जमीन पर पट्टा नहीं दिया जा सकता। हमें अपनी जमीन पूरी तरह खाली चाहिए।”

 बड़ा सवाल (Impact Section)

क्या शासन द्वारा दिए गए पट्टे अब अमान्य हो सकते हैं?
PM आवास योजना के तहत बने घर क्या अब अवैध माने जाएंगे?
क्या विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ना ही विकल्प है?

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