“1.60 लाख शिक्षक”, “नौकरी पर संकट” – TET परीक्षा को लेकर सिवनी में शिक्षक संगठनों का विरोध, सरकार से स्थगन और रिव्यू पिटीशन की मांग
20 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नया नियम थोपने का आरोप, 1.60 लाख शिक्षकों के भविष्य पर संकट
TET परीक्षा विरोध सिवनी
सिवनी यशो:- सिवनी जिले में “TET शिक्षक संवर्ग संयुक्त मोर्चा” ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 को लेकर बड़ा विरोध दर्ज कराया है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा को तत्काल स्थगित करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है।

20 वर्षों की सेवा के बाद नया नियम क्यों?
शिक्षकों का कहना है कि 1997 से लेकर 2018 तक अलग-अलग नियमों के तहत नियुक्त हुए गुरुजी, शिक्षाकर्मी और संविदा शिक्षक वर्षों से सेवा दे रहे हैं। ऐसे में अब TET परीक्षा अनिवार्य करना सेवा शर्तों में बदलाव के समान है, जो न्यायालय के निर्देशों के विपरीत है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
ज्ञापन में शिक्षकों ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि नियुक्ति के बाद सेवा शर्तों में बदलाव नहीं किया जा सकता। साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और NCTE के नियमों का भी हवाला दिया गया है।
नौकरी और भविष्य पर खतरा
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के अनुसार, यदि शिक्षक निर्धारित समय में TET पास नहीं करते हैं तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।
शिक्षकों का कहना है कि इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा।
शिक्षा व्यवस्था पर भी असर की आशंका
ज्ञापन में कहा गया है कि लगभग 1.60 लाख शिक्षक TET परीक्षा में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे चुनाव ड्यूटी, जनगणना और नियमित शिक्षण कार्य भी करते हैं, जिससे पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी दोनों प्रभावित होंगी।
अन्य राज्यों का उदाहरण दिया
शिक्षकों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर निर्णय आने तक परीक्षा स्थगित रखी है। मध्यप्रदेश सरकार को भी इसी तरह कदम उठाना चाहिए।
मुख्य मांगें
- TET 2026 परीक्षा तत्काल स्थगित की जाए
- सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए
- निर्णय आने तक परीक्षा आयोजित न की जाए
TET परीक्षा विरोध सिवनी – इन संगठनों ने किया समर्थन
ज्ञापन में कई शिक्षक संगठनों और पदाधिकारियों ने TET परीक्षा विरोध सिवनी को समर्थन दिया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- परमानंद डेहरिया (प्रांताध्यक्ष NMOPS)
- विजय शुक्ला (सेवानिवृत्त शिक्षक)
- अविनाश पाठक (जिलाध्यक्ष, म.प्र. शिक्षक संघ)
- गजेन्द्र बघेल (राज्य शिक्षक संघ)
- कपिल बघेल (आजाद शिक्षक संघ)
- एस.के. डहरवाल (प्राथमिक शिक्षक संघ)
- सहित अन्य कई संगठन
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