एमपी में जल्द दौड़ेंगी 5200 नई बसें, सीएम मोहन यादव ने शुरू कराई बड़ी परिवहन योजना
सीएम डॉ. मोहन यादव ने परिवहन विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश, सड़क सुरक्षा सचिवालय का भी होगा गठन

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना, परिवहन क्रांति की तैयारियां तेज
भोपाल यशो:- डॉ. मोहन यादव ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में नागरिकों को बेहतर और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना” को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रदेश की सीमाओं पर स्थित परिवहन चौकियों एवं टोल नाकों को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने तथा उन्हें एकीकृत (इंटीग्रेटेड) करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा सचिवालय का होगा गठन
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए “म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय” का गठन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की मैपिंग कराने और एम्बुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश भी दिए, ताकि दुर्घटना स्थलों पर 30 मिनट से कम समय में सहायता पहुंचाई जा सके।
पीएम-राहत और राहवीर योजना में मध्यप्रदेश देश में प्रथम
बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह ने बताया कि पीएम-राहत योजना एवं राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। पीएम-राहत योजना के अंतर्गत 2,298 प्रकरणों में से 1,692 प्रकरण अनुमोदित किए जा चुके हैं, जबकि राहवीर योजना में प्राप्त 109 आवेदनों में से 49 मंजूर किए गए हैं। बालाघाट जिले में राहवीर योजना के बेहतर क्रियान्वयन की विशेष सराहना भी की गई।
51 फेसलेस सेवाएं दे रहा परिवहन विभाग
समीक्षा बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इससे नागरिकों को पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं और बिचौलियों से मुक्ति भी मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से 111.6 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया।
दो चरणों में लागू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना
“मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना” को दो चरणों में लागू किया जाएगा। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 1,164 मार्गों पर अगले दो वर्षों में लगभग 5,206 बसों का संचालन किया जाएगा।
प्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों — इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा — में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में उपनगरीय मार्गों तक बस सेवाएं विस्तारित की जाएंगी। योजना के तहत संचालित होने वाली सभी बसों का रंग एक समान रखा जाएगा ताकि एकरूपता बनी रहे।



