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फर्जी आई पी एस के चंगुल में फंसते फंसते बची तीन लड़कियाँ

 मंडला यशो:- आई पी एस अधिकारी बनकर बेरोजगार तीन युवतियों को दिल्ली ले जाने की तैयारी कर चुके अरोपी आनंद धुर्वे उर्फ मनीष को मंडला कोतवाली ने उसके गांव से सिलीघाटी मोहंगांव से गिरफ्तार किया । युवतियाँ मकान मालिकन और पेशे से स्कूल संचालिका की सजगता से बच गयी और मामला पुलिस तक पहुँच गया अन्यथा तीनों युवतियाँ फर्जी आई पी एस युवक के जाल में फंस जाती । बताया गया है फर्जी आई पी एस स्वयं दसवीं फेल है ।
पुलिस ने प्रेस को जानकारी देते हुये बताया कि मंडला के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड में किराये के मकान में रहकर अध्ययन कर रही एक छात्रा एवं उसकी दो सहेलियों के पास पिछले जनवरी माह की 09 तारीख को एक काल आया मोबाईल पर काल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह आई पी एस मनीष परते है और उसने छात्राओं से पूछा कि क्या आप पुलिस में नौकरी करना चाहती हो छात्राओं ने हाँ कहा तो फर्जी आईपीएस मनीष परते ने छात्रााओं से अपने व्हाटसएप नंबर पर कक्षा 12 वी की अंकसूची , आधार और फोटो बुलवा लिये । इसके कुछ दिन बाद अपने आप को आईपीएस अधिकारी बताने वाले मनीष परते ने व्हाटसएप पर कुछ प्रश्न भेजे जो कक्षा ग्यारहवीं एवं 12 वीं संबंधित थे । इस परीक्षा के उक्त फर्जी आईपीएस अधिकारी ने मैसेज किया कि तुम्हारा सिलेक्शन हो गया है अब एक माह की ट्रेनिंग दिल्ली में होगी आप लोग 15 मार्च को नागपुर बस स्टैंड में मिलना बस स्टैंड में और भी सिलेक्टेड 20-25 लड़कियाँ मिलेगी जिनके साथ तुम सभी को दिल्ली ट्रेनिंग में जाना है ।
छात्राओं ने नौकरी लगने की बात अपनी मकान मालकिन को बतायी मकान मालकिन सीता परतेती को छात्राओ ंके साथ कुछ गलत होने की आशंका हुई तो उन्होंने छात्राओं को समझाकर थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये तैयार किया और वे छात्राओं को कोतवाली लेकर पहुँची जहाँ पुलिस ने फर्जी आईपीएस मनीष परते वास्तविक नाम आनंद धुर्वे के विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध कर उसके ग्राम सिलिघटी मोहगांव से 01 मार्च को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जिसे न्यायालय ने ज्युडिशियल रिमांडपर भेज दिया ।
बताया गया है कि आरोपी ने मंडला जिलें में 20-25 लडकियों को आईपीएस मनीष परते बनकर अपने आप को आईपीएस आफिसर बनकर काल करता था। आरोपी द्वारा काल पर उनको पुलिस में नौकरी लगवाने की बात करके एवं उनके व्हाट्सएप्प नंबर पर फेसबुक एवं गुगल से भर्ती के दस्तावेज एवं वर्दी वाली फोटो निकालकर लडकियों के नंबर पर भेजता था। जो लडकिय नौकरी करने के लिए तैयार थी उन लडकियों को विश्वास दिलाने के लिए उनसे परीक्षा फार्म भरवाकर, व्हाट्सएप्प के माध्यम से उनके 10वीं, 12वीं की अंकसूची एवं आधार कार्ड मांगकर परीक्षा भी आयोजित किया। प्रश्न पत्र के रुप में आरोपी ने कक्षा 12 वी एवं 11 के बुक का सहारा लिया। आरोपी द्वारा परीक्षा आयोजित करने के बाद उनका सिलेक्शन हो गया है बताया एवं उन्हे 15 दिन बाद उन्हे दिल्ली जाना है उसके लिए सबको नागपुर में इक्ठठा होने के लिए बोला गया। आरोपी द्वारा उक्त लडकियों को अपने अन्य साथियों को जिनका नाम देवेन्द्र एवं सुखलाल के साथ काम मे लगाने के ऐवज में पैसे देने की बात हुई थी, लडकियों के नंबर मुझे देवेन्द्र ने दिया था।
आरोपियों द्वारा लडकियों को बहला फुसलाकर नौकरी लगवाने के नाम पर ले जाकर दिल्ली एवं अन्य राज्यों में भेज दिये जाते है एवं घरेलु काम से लेकर कई प्रकार के काम में लगाकर शोषण किया जाता है। इस एवज में आरोपियों को भारी भरकम रकम मिल जाती है। इस प्ररे मामले की जाँच मंडला पुलिस कर रही है परंतु यदि छात्राओं की मकान मालकिन सजगता नहीं दिखाती तो लड्कियें का जीवन तबाह हो सकता था ।
पुलिस अधीक्षक मंडला द्वारा सभी थाना व चौकी प्रभारियों को मानव दुर्व्यापार महिलाओं बालिकाओं के विरुद्ध घटित अपराध की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने एवं जन जागरूकता अभियान चलाए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अंतर्गत मंडला पुलिस द्वारा मानव दुर्व्यापार एवं महिला/बालिकाओं के विरूद्ध घटित अपराधो की रोकथाम एवं जनजागरूकता हेतु चेतना अभियान चलाया जा रहा है।

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