भ्रष्टाचार, जूतम पैजार, भाजपाई परिषदों का दिखाई नहीं देता भाजपा को – जोऐब
शफीक खान को हटाने झूठे शिकायते भोपाल और दिल्ली तक की जा रही है
सिवनी यशो:- भाजपा का दोगलापन लगातार सिवनी नगरपालिका की लगातार झूठी शिकायत दिल्ली – भोपाल जाकर भाजपा के नेताओ से की जा रही है। छपारा, लखनादौन,केवलारी नगर परिषद जहां पर भ्रष्ट्राचार की सारी हदें पार की जा रही है,बीजेपी के पार्षद भी लगातार आरोप लगा रहे है जूतम पैजार की हो रही है परिषद की बैठक में पुलिस बुलाना पड़ रहा है। थाने में शिकायत की जा रही है भाजपा जिला अध्यक्ष को इन नगर पालिका में भ्रष्टाचार नही दिखाई दे रहा है।
नपा को दुकान समझने वालो को बेरोजगार करने का कष्ट है
उक्ताशय के बात कांग्रेस प्रवक्ता राजिक अकील के हवाले से पार्षद जोऐब जकी अनवर खान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही गयी है । विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि शुरू के 18 महीने कोई भ्रष्टाचार नजर नहीं आया, सिर्फ इसलिए कि नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान ने सिवनी नगर पालिका रोजी रोटी समझ कर दुकान चलाने वालो का प्रवेश बंद करा दिया है गलत तरीके से आदिवासी वर्ग की दुकान सामान्य वर्ग के नाम से कराने वाले की पोल खोल कर रख दी, उस दुकान को जिनका अधिकार है उन्हे देने का काम कर रहे है। इसी बात का कष्ट है ।
सिवनी नपा का फंड आधा कर दिया राज्य सरकार ने
लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित शफीक खान को हटाने के लिए नेताओ के चक्कर काटने वाले भाजपा संगठन के लोग नगर विकास के लिए क्यों नही नेताओ के पास जाते । सिवनी नगर पालिका का राज्य शासन ने फंड आधा कर दिया है। अनेक शासकीय योजनाओं खाद्य पचीर्, पेंशन,जन्म मृत्यु संबल बीमा के पोर्टल लगभग 10 महीनो से बंद पड़े है। हितग्राही नगर पालिका के चक्कर लगा लगा परेशान है। तब क्यो नही ये लोग नगर के लोगो की समस्या के हल करने के लिये मुख्यमंत्री,नगरीय प्रशासन मंत्री,बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष,आयुक्त के पास जाते इन्हे आम लोगो की परेशानी से कोई मतलब नहीं इनकी नजर सिर्फ अध्यक्ष शफीक खान को हटाने की है।
फंड में कटौती के बाद भी व्यवस्थाएँ है दुरूस्त
सिवनी नगर पालिका में एक एक फाइल नियम से चलती है। यदि भ्रष्ट्राचार होता तो राज्य शासन द्वारा फंड में कटौती के बाद भी ने अन्य नगर पालिका की तरह यह कर्मचारी के वेतन के लाले पड़ जाते, ठेकेदार के भुगतान के लिए पैसा न होता। शिकायत करने वालो को स्पष्ट कह दिया है इन शिकायत से नगर पालिका अधिकारी,कर्मचारी ही परेशान होंगे इसकी वजह से नगर पालिका के कार्य प्रभावित हो रहे है ।





