जल जीवन मिशन के तहत शासकीय धन की बर्बादी, ग्रामीण परेशान
Seoni 22 December 2024
सिवनी यशो:-जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी के लिए केंद्र और राज्य सरकार (state government ) संबंधित ठेकेदार को एजेंसियों को पानी की लाइन डालने और टंकी बनाने दिशा निर्देश दे रही हैं ताकि ग्रामीण पीने का पानी आसानी से मिल सके परंतु बाहरी ठेकेदार जल्दबाजी में अपना काम निपटा के चले जाते हैं और संबंधित अधिकारी उसे कार्य पूर्ण होने का ठप्पा लगा देते हैं परंतु आज तक ऐसे बहुत से गांव हैं जहां पीने का पानी जल मिशन के तहत लोगों को नहीं मिल रहा है ।
जिले कलेक्टर (District Collector) समय-समय निर्देश दे रही हैं कि लोगों को पीने का पानी जल जीवन मिशन के तहत उपलब्ध कराया जाए परंतुृ विभागीय अधिकारी उसे ऑफिस में बैठकर केवल खाना पूर्ति कर रहे हैं कभी कभार एक छोटा सा दौरा करके खाना पूर्ति कर देते हैं और अपनी अपनी फोटो समाचार पत्र में छपा देते हैं ताकि कलेक्टर महोदय को आभास हो जाए की योजनाओं का संचालन सही तरीके से चल रहा है ।
इसी प्रकार का मामला गंगाई रैयत का है जहाँ जल मिशन के तहत पाइपलाइन डाल दी गई है परंतु आज भी लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है । पंचायत अपने पुराने कुएं से पानी दे रही है जो कि लगभग 25 साल पुराना है ।
जल जीवन मिशन के तहत संबंधित ठेकेदार ने दो खनन करवाये है लेकिन दोनों बोर में पानी की मात्रा पर्याप्त नहीं है पूर्व में जागरूक लोगों ने इस संबंध में पीएचई के अधिकारियों से निवेदन किया था की गंगई रैयत पंचायत को पीने के पानी के लिए संजय सरोवर बांध से जोड़ा जाए परंतु उन्होंने ठेकेदार से तालमेल बनाकर बोर कर दिया जो कि इस क्षेत्र के लिए घाटे का सौदा है । गंगाई रैयत के जागरूक लोगों ने कलेक्टर महोदय से वास्तविक स्थिति जानने की मांग की है और संबंधित अधिकारियों ठेकेदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है





