कांग्रेस का “नारी सम्मान” केवल नारा, आचरण में महिला विरोध : मीना बिसेन
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस पर लगाया महिला विरोधी मानसिकता और दोहरे चरित्र का आरोप
कांग्रेस का “नारी सम्मान” केवल नारा, आचरण में महिला विरोध : मीना बिसेन
Seoni 12 June 2026
सिवनी यशो:- भाजपा जिलाध्यक्ष मीना बिसेन ने कांग्रेस पर महिला सम्मान के नाम पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्यसभा निर्वाचन में मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन के बाद कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने को “नारी सम्मान” का मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि यह मामला किसी महिला के साथ अन्याय का नहीं, बल्कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का है।
उन्होंने कहा कि यह मामला एक महिला नेत्री द्वारा एक महिला कार्यकर्ता के साथ हुए अपराधों पर चुप्पी साधने का है। यह मामला एक महिला प्रत्याशी को हराने के लिए मध्यप्रदेश के कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए षड्यंत्र का है। यह कांग्रेस के नकारेपन और उसकी नाकामी का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
यह भी पढ़े :- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का उपवास-धरना, भाजपा पर लगाए लोकतंत्र कमजोर करने के आरोप
तेलंगाना प्रकरण को लेकर कांग्रेस पर गंभीर सवाल
मीना बिसेन ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी पर एक महिला कार्यकर्ता ने शादी का झांसा देकर शोषण, ब्लैकमेल और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत और प्रकरण दर्ज होने के बाद तत्कालीन तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन की भूमिका को लेकर भी प्रश्न उठे तथा उनका नाम अपराध पंजीयन में सामने आया।
यह भी पढ़े :- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
उन्होंने कहा कि जब पीडि़त महिला को संगठन और नेतृत्व के समर्थन की आवश्यकता थी, तब मीनाक्षी नटराजन ने कथित रूप से पीडि़ता की आवाज सुनने के बजाय आरोपी नेता को संरक्षण दिया। पीडि़ता को न्याय दिलाने के स्थान पर आरोपी के पक्ष में खड़े होने के आरोप लगे, जिसका जवाब उन्होंने स्वयं न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बावजूद इस तथ्य का उल्लेख नामांकन पत्र में नहीं किया गया, जो नामांकन निरस्त होने का प्रमुख कारण बना।
“पीड़िता को न्याय नहीं मिला” : भाजपा जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पीडि़त कांग्रेस कार्यकर्ता ने एक प्रमुख समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट आरोप लगाया कि उसने कई बार मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस नेतृत्व से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। पीडि़ता का कहना है कि यदि समय रहते उसकी शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो उसे न्याय के लिए इतना लंबा संघर्ष नहीं करना पड़ता। इसलिए मीनाक्षी नटराजन इसमें सह-आरोपी हैं।
यह भी पढ़े :- अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा के द्वारा भाजपा कार्यालय में हुआ महिला सम्मान कार्यक्रम
कांग्रेस से पूछे कई सवाल
मीना बिसेन ने कांग्रेस से कई सवाल पूछते हुए कहा कि —
- नामांकन पत्र में तेलंगाना प्रकरण से जुड़ी जानकारी छिपाने का प्रयास क्यों किया गया?
- जब न्यायालयीन कार्यवाही और समन की जानकारी थी तो उसका उल्लेख शपथ पत्र में क्यों नहीं किया गया?
- महिला कार्यकर्ता की शिकायत को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया?
- आरोपी कांग्रेस नेता के विरुद्ध संगठनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- क्या कांग्रेस में महिला सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित है?
- क्या कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगने पर नैतिकता और जवाबदेही के मानदंड बदल जाते हैं?
यह भी पढ़े :- कांग्रेस नेता हेलीकॉप्टर से घूमते हैं, सरकार गरीबों की जान बचाने हेलीकाप्टर चला रही -डॉ. मोहन यादव
“महिला सम्मान पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिला सम्मान पर उपदेश देने से पहले अपने नेताओं और उनके बयानों का इतिहास देखना चाहिए। मध्यप्रदेश सहित देशभर में कांग्रेस नेताओं द्वारा महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों और व्यवहार के अनेक उदाहरण सामने आए हैं।
मीना बिसेन ने आरोप लगाया कि महिला उत्पीडऩ, असम्मानजनक टिप्पणियां और शिकायतों की अनदेखी कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है। जो महिलाएं इस संस्कृति का विरोध करती हैं, उन्हें अक्सर संगठन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
“झूठ और दिखावे की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलती”
उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने को महिला सम्मान का मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि मामला निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने से जुड़ा है।
यह भी पढ़े :-प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करता महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण: गुंजन चौकसे
भाजपा जिलाध्यक्ष मीना बिसेन ने कहा कि झूठ और दिखावे की राजनीति अधिक समय तक नहीं चलती। कांग्रेस को नारी सम्मान पर राजनीतिक नाटक करने के बजाय देश और प्रदेश की महिलाओं को यह बताना चाहिए कि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना केवल एक चुनावी घटना नहीं, बल्कि कांग्रेस के दोहरे चरित्र, उसकी जवाबदेही और महिला सम्मान के प्रति उसके वास्तविक दृष्टिकोण पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।



